मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि औद्योगिक निवेश से विन्ध्य क्षेत्र और त्योंथर में विकास को नई दिशा और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि उद्योगपति रोजगारपरक उद्योग स्थापित करें, राज्य शासन उनकी हर संभव मदद करेगा। मुख्यमंत्री ने बनारस से आए उद्यमियों के आग्रह पर घोषणा की कि आगामी नवम्बर माह में काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में इंडस्ट्रियल समिट का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर बनारस के उद्यमियों ने विन्ध्य क्षेत्र में 1000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा भी की।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा जिले के चाकघाट में उद्यमियों से वन-टू-वन चर्चा के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुरूप हम “स्वदेशी के मूल मंत्र” को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने उद्यमियों से कहा कि राज्य में निवेश के लिए अनुकूल माहौल है और सरकार उन्हें हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पराली आधारित उद्योगों, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और अन्य रोजगारपरक उद्यमों में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा जिले के मऊगंज और त्योंथर विधानसभा क्षेत्रों में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, जहां औद्योगिक क्षेत्र विकास की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि यदि उद्यमी अपनी पूंजी से उद्योग परिसर का निर्माण करते हैं, तो शासन उन्हें हर आवश्यक सुविधा और सहयोग प्रदान करेगा।मुख्यमंत्री ने त्योंथर में कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट के भूमिपूजन की सराहना करते हुए कहा कि यह परियोजना स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और विकास के नए अवसर खोलेगी। साथ ही पराली की समस्या से निजात मिलेगी और जैविक विकास को बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस (17 सितंबर) से लेकर 2 अक्टूबर तक प्रदेश में सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा मध्यप्रदेश को पीएम मित्र पार्क की सौगात मिल चुकी है, जो औद्योगिक विकास और रोजगार उपलब्धता में एक मील का पत्थर साबित होगा।