
ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी है कि गत दिनों आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रदेशभर में 39 हजार 337 प्रकरणों का निराकरण किया गया। लोक अदालत में पात्रता अनुसार विद्युत उपभोक्ताओं को कुल 14 करोड़ 3 हजार रुपये की छूट दी गई, वहीं बिजली कंपनियों को 45 करोड़ 13 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
क्षेत्रवार उपलब्धियां
- मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 17,486 प्रकरणों का निराकरण किया गया। उपभोक्ताओं को 7 करोड़ 33 लाख 83 हजार रुपये की छूट दी गई और कम्पनी को 21 करोड़ 8 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
- पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी ने 13,233 प्रकरणों का निराकरण किया। उपभोक्ताओं को 3 करोड़ 92 लाख रुपये की छूट दी गई और कम्पनी को 13 करोड़ 22 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ।
- पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 8,618 प्रकरणों का निराकरण हुआ। उपभोक्ताओं को 2 करोड़ 77 लाख रुपये की छूट प्रदान की गई और कम्पनी को 10 करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित हुआ।
विशेष छूट प्रावधान
लोक अदालत में 10 लाख रुपये तक के सिविल दायित्व के प्रकरणों में समझौते की सीमा निर्धारित थी।
- प्री-लिटिगेशन स्तर पर सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी गई।
- लिटिगेशन स्तर पर आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट प्रदान की गई।
- विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 एवं 126 के अंतर्गत दर्ज बिजली चोरी और अनियमितताओं के प्रकरणों का भी निपटारा किया गया। धारा 126 के मामलों में सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत और विलंबित ब्याज पर 100 प्रतिशत की छूट दी गई।