उज्जैन में आयोजित कीर समाज महासम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऑनलाइन जुड़कर समाज के प्रतिनिधियों, युवाओं और महिलाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “विकास तभी सार्थक है जब वह समाज के अंतिम छोर तक पहुँचे। कीर समाज की मेहनत, अनुशासन और संस्कार हमारी सामाजिक शक्ति हैं; सरकार इनके उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।”

मुख्यमंत्री के मुख्य बिंदु
- शिक्षा व छात्रवृत्ति: पात्र विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति, कोचिंग-सहायता और उच्च शिक्षा परामर्श को और प्रभावी बनाया जाएगा।
- कौशल व रोजगार: आईटी, कृषि-आधारित उद्योग, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन-सेवा क्षेत्र जैसे सेक्टरों में कौशल प्रशिक्षण कैम्प आयोजित करने की रूपरेखा।
- स्टार्टअप/स्वरोज़गार: युवा उद्यमियों के लिए सीड-सहायता, मेंटरशिप और मार्केट-लिंकिंग—विशेष शिविरों के जरिए।
- महिला सशक्तिकरण: स्वयं-सहायता समूहों (SHGs) को सूक्ष्म ऋण, ब्रांडिंग-पैकिंग व ई-कॉमर्स प्रशिक्षण।
- संस्कृति एवं सामाजिक एकता: समाज के परंपरागत लोकनृत्य, रीति-रिवाज और सामुदायिक आयोजनों को संरक्षित-प्रोत्साहित करने की पहल।
- कैरियर मार्गदर्शन: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ़्त काउंसलिंग, टेस्ट-सीरीज़ और विशेषज्ञ सत्रों की व्यवस्था पर बल।
मुख्यमंत्री के उद्धरण (क्यूरेटेड)
- “समाज का युवा जितना शिक्षित व कौशलयुक्त होगा, प्रदेश का भविष्य उतना ही सशक्त होगा।”
- “महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी तो परिवार और समाज, दोनों मज़बूत होंगे।”
- “परंपराएँ हमारी पहचान हैं; विकास के साथ संस्कृति का संरक्षण हमारा सामूहिक दायित्व है।”
कार्यक्रम की विशेष झलकियाँ
- समाज के वरिष्ठ जनों का सम्मान, मेधावी विद्यार्थियों का अभिनंदन।
- उद्यमिता, शिक्षा व कैरियर-परामर्श पर विशेषज्ञों के सत्र।
- रक्तदान/स्वास्थ्य जाँच शिविर और हेल्प-डेस्क के माध्यम से योजना-परामर्श।
आगे की रूपरेखा (कार्य-योजना सुझाव)
- कीर समाज करियर हेल्पलाइन व मासिक मेंटर मीट-अप।
- कौशल कैम्प कैलेंडर—तिमाही प्रशिक्षण, ऑन-द-जॉब इंटर्नशिप।
- स्टार्टअप डेस्क—आइडिया से मार्केट तक हैंड-होल्डिंग।
- महिला उद्यम फोरम—उत्पाद-प्रदर्शनी, B2B मीट, ई-कॉमर्स ऑनबोर्डिंग।
- संस्कृति संरक्षण कोश—युवा कलाकारों की माइक्रो-ग्रांट्स।