श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की जेलों के पात्र दंडित बंदियों की सजा में लगभग 60 दिन की छूट देने के निर्देश दिए हैं। इस निर्णय से विभिन्न जेलों में बंद 21 हजार बंदियों में से लगभग 14 हजार बंदी लाभान्वित होंगे।राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य बंदियों के अच्छे आचरण को प्रोत्साहित करना और समाज में पुनर्वास के अवसर प्रदान करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार हमेशा सुधारात्मक दृष्टिकोण अपनाती है और योग्य बंदियों को समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर देती है।उल्लेखनीय है कि यह छूट केवल पात्र बंदियों को ही दी जाएगी। आतंकवादी गतिविधियों, लैंगिक अपराध (पास्को, बलात्कार), मादक पदार्थों की तस्करी और दो से अधिक हत्याओं जैसे गंभीर अपराधों के दोषी बंदी इस नीति के दायरे में शामिल नहीं होंगे और उनकी सजा यथावत रहेगी।

जेल विभाग ने पात्र बंदियों की सूची तैयार करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं प्रारंभ कर दी हैं। छूट प्राप्त करने वाले बंदियों को सजा अवधि में कमी के साथ शीघ्र रिहाई का लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस प्रकार के प्रयास न केवल बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे बल्कि उनके पुनर्वास और समाज में समायोजन को भी सशक्त करेंगे।