

शासन द्वारा हाजरी का एन.एम.एम.एस की जो नियम प्रारम्भ किया गया है उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाना आवश्यक है। मनरेगा को मूलरूप में लाया जावे उसमे केन्द्र सरकार समन्वय स्थापित करते हुए पंचायत को मांग आधारित असीमित कार्य की अनुमति दी जावे एवं 60:40 को बरकरार रखने की अनीवार्यता ग्राम पंचायत स्तर की और न कि जिला पंचायत या जनपद पंचायत की उसी आधार पर पंचायतों को कार्य निष्पादन की स्वतंत्रता दी जाए तथा दूसरी अन्य पंचायतों के अनुपातिक प्रभावहीन हो। मनरेगा में पेंमेंट का भेदभाव खत्म किया जाए एवं समानता से क्रियान्वित के अवसर उपलब्ध करवाए जाए जो कि जॉब कार्ड के हिसाब के प्रत्येक पंचायत में बजट किया जाए। जिससे कि भ्रष्टचार समाप्त हो सके।निर्माण अनियमिता का जिम्मेदार प्रशासनिक कर्मचारी/अधिकारी की लापरवाही की वजह से सरपंचों को चारा 40 में ह…ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिये नई आर्थिक गतिविधियों के संचालन से जोड़ा जाये। पैसा एक्ट के लागू होने से ग्राम पंचायत एवं ग्राम सभाओं में टकराव न हो इसकी समीक्षा एवं निदान हो। सरकारी कर्मचारियों की तरह सरपंचों एवं पचों का 20 लाख रू. का जीवन बीमा की व्यवस्था की जाये एवं न्यूनतम पेंशन 2000/-रु. की जावे।
स्टाम्प शुल्क की राशि से वेतन नहीं दिया जावे पूर्व अनुसार ग्राम पंचायत विकास कार्य के लिए भी राशि उपलब्ध होना चाहिए।
ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 22 के अंतर्गत जनपद पंचायतों में बैठक रोस्टर के हिसाब से सरपंचों को नही बुलाया जाता है इसके लिए सभी जनपदों को आदेश करने की व्यवस्था करें।
रोजगार सहायक व सचिव की सी.आर. लिखने का अधिकार सरपंच को होना चाहिए और उनका वेतन और अवकाश के अधिकार पूर्ण रूप से ग्राम पंचायत को दिये जाये जिसके कार्य सुचारू रूप से कर सकें। रोजगार सहायक का स्थानांतरण नीति जल्द लागू की जाये।
10% ग्राम पंचायत में कोई भी निर्माण कार्य हो ग्राम पंचायत ही एजेन्सी हो चाहे विधायक निधि, सांसद निधि, स्वास्थ्य विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग हो, स्कूल का निर्माण कार्य हो, चाहे पीएचई का हो सभी निर्माण कार्य ग्राम पंचायत द्वारा कराए जाऐगे। जैम पोर्टल को हटाया जाये।वित्त राशि की डीपीआर एक बार बनाकर उपयंत्री सहायक यंत्री के हस्ताक्षर होने पर इनसे की टी एस माना जावे जिससे बार बार टी एस के नाम पर कमीशन नहीं देना पड़े और उपयंत्रियों की परेशानी से सरपवनच सके इसलिए मूल्यांकन सरपंच/सचिव/सहसचिव वार्ड पंच द चार अन्य पंचों के हस्ताक्षर से मूल्यांकन करवा लिया जाए और लैब रिपोर्ट संलग्न कर कार्य का पूर्णता प्रताण पत्र जारी किया जाए।
10 म.प्र. शासन द्वारा जारी पत्र दिनांक 01.07.2024 को वापिस लिया जाये। आपके द्वारा पूर्व से वापस नहीं किया गया है, पंचायतों में अधिकतम कार्यों की सीमा 20 को हटाया जाये।
17 सी.एम. हेल्पलाईन (181) पर झूठी शिकायत करने पर शिकायतकर्ता घर एफ आई आर दर्ज होनी चाहिए।
- प्रधानमंत्री आवास व मुख्यमंत्री आवास प्रत्येक पंचायत में दिए जाये।
- सरपंच का मानदेय रू. 15000/- प्रतिमाह एवं उपसरपंच का 5000/- एवं पंच का मानदेय 3000/- दिया जाये।
20 वृद्धावस्था पेंशन बिना बी.पी.एल. के स्वीकृति का अधिकार सरपंच को होना चाहिए क्योंकि सरपंच को पता होता है कि गांव में कौन कितना गरीब और परेशान व्यक्ति है।
- ई एम.बी. के मूल्यांकन बंद कराना होगा उपयंत्रियों द्वारा समय पर मूल्याकन नहीं किया जाता है या डी किए जाने या शून्य करने पर उपयंत्रियों के खिलाफ कार्यवाही करना होगी।
22 मध्यप्रदेश पंचायती राज कार्यालय से ग्राम पंचायतों के लिए जो कार्य स्वीकृति दी गई थी वे कार्य पूर्णतः प्रमाण पत्र कार्यालय में जमा होने पर भी द्वितीय किक्त अभी तक प्राप्त नहीं हुई अतिशीघ्र द्वितीय किश्त दी जाए।
- गल जल योजना शासन द्वारा ग्राम पंचायतों में चालू की गई थी वह 80 प्रतिशत फेल है। ठेकेदारों पर कार्यवाही करें या पूर्ण करा दें।
- मध्यप्रदेश शासन द्वारा जो संबल योजना चलाई जा रही है मृतक परिवार को जो सहायता राशि दी जाती है वह भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के कारण हितग्राही को लाभनहीं मिल पा रहा है। जांच कर सम्बंधित अधिकारियों पर कार्यवाही की जावे।