नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े वीआईपी और वीवीआईपी की सदस्यता वाले कांस्टिट्यूशन क्लब नई दिल्ली में होने वाले चुनाव में इस बार कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। क्लब के सबसे शक्तिशाली पद सचिव प्रशासन के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सियासी चेहरे, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं मुजफ्फरनगर के पूर्व सांसद डॉ. संजीव बालियान ने अपनी दावेदारी पेश की है। उनका मुकाबला भाजपा नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी से होगा।गौरतलब है कि कांस्टिट्यूशन क्लब के सचिव प्रशासन के पद को अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। लोकसभा अध्यक्ष क्लब के पदेन अध्यक्ष होते हैं, जबकि सचिव प्रशासन का पद क्लब का सबसे महत्वपूर्ण कार्यकारी पद माना जाता है। वर्तमान में यह पद राजीव प्रताप रूडी के पास है, जो पिछले 25 वर्षों से इस पद पर बने हुए हैं। वे तीन बार चुनाव जीत चुके हैं और दो बार निर्विरोध चुने गए।इस बार यह चुनाव भाजपा बनाम भाजपा के रूप में देखा जा रहा है। डॉ. संजीव बालियान ने इस पद के लिए ताल ठोककर रूडी को सीधी चुनौती दी है। विशेष बात यह भी है कि रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति बनने से पहले इसी चुनाव में पराजित हो चुके हैं, जिससे इस चुनाव की ऐतिहासिक अहमियत और बढ़ जाती है।

चुनाव 12 अगस्त को होना है, जिसमें सचिव प्रशासन के साथ 11 सदस्य पदों के लिए भी मतदान होगा। तीन पदों पर निर्विरोध चुनाव होना तय है। क्लब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, लालकृष्ण आडवाणी, मल्लिकार्जुन खरगे समेत देशभर के मंत्री, पूर्व मंत्री और सांसद सदस्य हैं। इस चुनाव में करीब 1300 वोटर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
कांस्टिट्यूशन क्लब का सचिव प्रशासन पद इतना ताकतवर क्यों?
कांस्टिट्यूशन क्लब देश की राजनीतिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां सत्ता और विपक्ष दोनों दलों के नेताओं की बैठकों से लेकर बड़े फैसले तक होते हैं। इस पद पर काबिज व्यक्ति क्लब की प्रशासनिक एवं रणनीतिक कार्यवाही को संचालित करता है, इसलिए इस चुनाव को बेहद प्रतिष्ठित माना जाता है।इस बार के चुनाव को लेकर खासा रोमांच है क्योंकि राजीव प्रताप रूडी पहली बार किसी गंभीर चुनौती का सामना कर रहे हैं। डॉ. संजीव बालियान की दावेदारी को लेकर वेस्ट यूपी समेत उत्तर भारत की राजनीति में भी हलचल है।12 अगस्त को होने वाला यह चुनाव भाजपा के अंदरूनी समीकरणों की भी परीक्षा माने जा रहा है।