माजिक एकता एवं विचार क्रांति की दिशा में आदिवासी समाज का आह्वान,

क्रांति सूर्य, महा मानव, भगवान अमर शहीद धरती आबा बिरसा मुंडा जी ने एक अमर विचार दिया था:
“विचार संसार से और भगवान से भी बड़े होते हैं, क्योंकि विचारों से ही भगवान का निर्माण होता है।”आज के समय में यह विचार और भी अधिक प्रासंगिक है। खून से अधिक पवित्र रिश्ते विचारों के होते हैं, क्योंकि विचारों से बने रिश्ते जीवनभर साथ निभाते हैं, जबकि खून से बने रिश्ते सीमित समय तक ही साथ देते हैं।

इसलिए हम सभी से आग्रह है:

  • विचारों को मजबूत कीजिए
  • समाज के लिए सोचिए और संघर्ष कीजिए
  • एक संगठित और जागरूक समाज का निर्माण कीजिए

क्रांतिकारी वीर अमर शहीदों की विचारधारा को समझें, क्योंकि उन्होंने हमें ज्ञान, विज्ञान, सामाजिक चेतना और स्वतंत्रता दी। उन्हीं की वजह से हमें संवैधानिक और नैसर्गिक अधिकार प्राप्त हुए हैं, जिससे आज हम अपने हक की बात कर पा रहे हैं।हमारी सामाजिक एकता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।इसी उद्देश्य से निम्न संगठनों के माध्यम से एक राष्ट्रव्यापी सामाजिक चेतना अभियान प्रारंभ किया गया है:

🔹 सर्व आदिवासी समाज
🔹 मिशन मध्य भारत
🔹 आदिवासी बचाओ आंदोलन
🔹 ऑल इंडिया इंडिजिनस स्टूडेंट एंड एम्पलाई फेडरेशन भारत
🔹 राष्ट्रीय विधि सलाहकार: अधिवक्ता देवसिंह कुमरे जी

हम आप सभी भाइयों-बहनों से निवेदन करते हैं कि इस अभियान से जुड़ें और सामाजिक न्याय, आत्मसम्मान और संगठन की राह में योगदान दें।

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