भोपाल में आयोजित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह के दौरान मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विद्यार्थियों को प्रेरणादायक संदेश देते हुए शिक्षा के व्यापक उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एक उपयोगी, संवेदनशील और सक्षम नागरिक का निर्माण करना होना चाहिए।राज्यपाल श्री पटेल ने अपने संबोधन में युवाओं को जीवन की मूल भावना को समझने और उसे अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली की अंधी दौड़ में आज के युवा अपने जीवन के असली आनंद से वंचित होते जा रहे हैं। उनकी दिनचर्या यांत्रिक हो गई है, जिसमें मानवीय भावनाओं और प्रकृति से जुड़ाव का अभाव होता जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे प्रकृति के साथ सामंजस्य बैठाते हुए जीवन जीने की आदत डालें और सहजीवन के सिद्धांत को अपनाएं।उन्होंने छात्रों से अपेक्षा की कि वे इस प्रतिष्ठित संस्थान से प्राप्त ज्ञान का उपयोग समाज और मानवता की सेवा में करें। राज्यपाल ने यह भी कहा कि शिक्षा से प्राप्त ज्ञान तभी सार्थक होता है जब वह समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों को ऊपर उठाने में सहायक बन सके। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता, गुरुजनों, समाज और समुदाय के प्रति कृतज्ञता का भाव रखने का अनुरोध किया।

राज्यपाल पटेल ने यह भी कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति वहां के शिक्षित युवाओं की सोच, कर्मठता और सामाजिक जिम्मेदारी पर निर्भर करती है। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के पीएचडी डिग्री धारकों और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वर्ण पदक विजेताओं को मंच से सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति, शिक्षकगण, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। समारोह का माहौल उत्साहपूर्ण और प्रेरणास्पद था। विद्यार्थियों ने राज्यपाल के विचारों से प्रेरणा लेते हुए समाज में सकारात्मक योगदान देने का संकल्प लिया।इस दीक्षांत समारोह ने न केवल विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों पर गर्व करने का अवसर दिया, बल्कि उन्हें यह भी समझाया कि सच्ची शिक्षा वही है, जो समाज में परिवर्तन लाने की क्षमता रखती है। राज्यपाल का संबोधन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शन साबित हुआ।