
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि औपनिवेशिक उद्देश्यों से लागू लॉर्ड मैकाले की शिक्षा नीति के दुष्प्रभावों से समाज और आगामी पीढ़ी को मुक्त कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई। यह गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश इस के प्रावधानों को क्रियान्वित करने में देश में अग्रणी रहा। यह शिक्षा नीति केवल एक दस्तावेज नहीं अपितु भारत की सांस्कृति चेतना और स्वाभिमान को पुन: स्थापित करने का माध्यम है। शिक्षाओं को वर्तमान शिक्षा प्रणाली में शामिल करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग द्वारा आयोजित नीति संवाद- 2025 श्रृंखला के अंतर्गत सशक्त भारत और समृद्ध मध्यप्रदेश के लिए मूल्य आधारित और रोजगारोन्मुखी शिक्षा विषय पर कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित संवाद श्रृंखला को संबोधित कर रहे थे
।मनुष्य को हिंसा, अशिक्षा और विकार से मुक्त कर और समाज में सदभाव, समता और एकता का वातावरण निर्मित कर अनेकों समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उनका मंत्रिमंडल और लोक सेवक मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए प्रयासरत है।संस्कारों से शिक्षा के जुड़ने से ही राष्ट्र निर्माण की नींव पड़ती है। उन्होंने प्रदेश में गुणवत्ता शिक्षा के लिए आरंभ 276 सीएम राइज स्कूलों का नाम संदीपनी विद्यालय करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना।प्रदेश में शिक्षा के साथ-साथ डिजिटल लिटरेसी का भी विस्तार किया जा रहा है। हम “हर गांव में संस्कार- हर हाथ में हुनर और हर मन में आत्मबल” के लक्ष्य से कार्य कर रहे हैं। अपर मुख्य सचिव श्री संजय शुक्ला ने नीति संवाद श्रंखला कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।