
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विद्यार्थियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में अवसर असीम हैं—यहां एक सामान्य पृष्ठभूमि से आया व्यक्ति भी सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकता है, बशर्ते वह सेवा, समर्पण और मेहनत को अपना मार्ग बनाए।राज्यपाल श्री पटेल एल.एन.सी.टी. विश्वविद्यालय के पाँचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह का माहौल उत्साह, गर्व और नई उम्मीदों से भरा हुआ था, जहां विद्यार्थियों ने अपने जीवन के एक महत्वपूर्ण पड़ाव को पार किया।उन्होंने भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र “वसुधैव कुटुम्बकम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षित युवाओं का सबसे बड़ा कर्तव्य समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के जीवन को बेहतर बनाना है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी, नवाचारी और जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया, ताकि वे आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें।राज्यपाल ने शिक्षा प्रणाली को और प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि पढ़ाई केवल डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि वह जीवन से जुड़ी हो। उन्होंने शिक्षण को परिणामोन्मुखी बनाने, आधुनिक तकनीकों को अपनाने और पाठ्यक्रम को समय के अनुरूप ढालने की आवश्यकता बताई। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों में समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने और उन्हें “जॉब सीकर” के बजाय “जॉब गिवर” बनने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने उभरती तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा और ग्रीन टेक्नोलॉजी को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाने की बात कही। उनका मानना है कि प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण, इंटर्नशिप और उद्यमिता के अवसर युवाओं को वास्तविक दुनिया के लिए तैयार करते हैं।
समारोह में कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों को मानद उपाधियों से सम्मानित किया गया और विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को डिग्रियां एवं स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। यह अवसर न केवल उपलब्धियों का जश्न था, बल्कि नए सपनों की शुरुआत का भी प्रतीक बना।राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण की धुरी बताते हुए कहा कि हर युवा अपने भीतर अपार संभावनाएं रखता है। वहीं, सांसदों और अतिथियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए मेहनत, धैर्य और लक्ष्य के प्रति समर्पण को सफलता की कुंजी बताया।कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी अतिथियों का सम्मान किया गया। यह दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के लिए केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन में जिम्मेदारी और सेवा का संकल्प लेने का भी प्रेरणादायी क्षण बन गया।