गोंडवाना आदिवासी कला केंद्र

सागर में फेलिसिटी थिएटर द्वारा निर्मित हमारे राम महानाट्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया,

मध्यप्रदेश के सागर शहर में फेलिसिटी थिएटर द्वारा निर्मित विश्व प्रसिद्ध महानाट्य “हमारे राम” की टीम ने महाकवि पद्माकर ऑडिटोरियम में शनिवार को दो शो भव्य रूप से सफ़ल मंचन किया और तमाम दर्शक भाव विभोर होकर लौटे। शहर के ऐतिहासिक खुले मंच पर आयोजित इस नाटकीय आयोजन ने कलाकारों की नाटकीय क्षमता, मंच सज्जा और संवेदनशील गीत-संगीत से भरपूर एक यादगार प्रस्तुत की। दर्शकों ने बार-बार तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और समारोह के बाद कलाकारों को पुष्पहार और प्रशंसा से नवाजा गया।नाटक में रावण के रूप में दिखे प्रमुख किरदार ने अपनी भूमिका से हर किसी के मन पर गहरी छाप छोड़ी। इस भूमिका के प्रदर्शन के लिए प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता ने दर्शकों को अभूतपूर्व अनुभव कराया; उनके भाव, संवाद-उच्चारण और शारीरिक अभिनय ने किरदार को वास्तविकता के बेहद करीब ला दिया। मंच पर रावण का नकारात्मक भाव में अनछुए पहलुओं और श्री राम के रूप में शानदार अभिनेता राहुल आर भूचर ने अपने मार्मिक मर्यादित अभिनय से अंत तक दर्शकों को बांधे रखा, साथ ही, सभी किरदारों का संतुलन दर्शकों के लिए खासा प्रभावशाली रहा। नाटक के अन्य किरदारों ने भी अपने पात्रों में जान डालते हुए कथा की संवेदनशीलता और आध्यात्मिक गंभीरता को सशक्त किया।कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से चर्चा का विषय मशहूर अभिनेता आशुतोष राणा का प्रदर्शन और उनके द्वारा सागर के प्रति व्यक्त किए गए भाव रहे। आशुतोष राणा ने मंच से कहा, “सागर से मेरा गहरा सम्बन्ध है। मेरे छात्र जीवन की अद्भुत यादें यहीं से जुड़ी हुई हैं।” उनका यह भावुक बयान उपस्थित सागरवासियों में गर्व और स्नेह का संचार कर गया। राणा ने अपने अन्त में सागर के सांस्कृतिक महत्व और स्थानीय कला-परंपरा की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे मंचन युवाओं में कला के प्रति रुचि जगाते हैं और सांस्कृतिक विरासत का संवर्धन करते हैं।नाटक का निर्देशन और संगीत संयोजन भी दर्शनीय रहा। निर्देशक ने कहानी में आधुनिकता और पारंपरिकता का संतुलन बनाए रखा, जबकि संगीत ने भावनात्मक दृश्यों को मजबूती से पकड़ा। प्रकाश और पृष्ठभूमि कला ने दृश्य-प्रभावों को और प्रभावशाली बनाया, जिससे दर्शकों का थिएट्रिकल अनुभव और भी समृद्ध हुआ। मंच निर्माण और परिधानों की डिजाइन ने नाटकीयता को निखारा और पात्रों की व्यक्तित्व-विशेषताओं को उभारकर रख दिया।



स्थानीय प्रशासन और सांस्कृतिक संस्थाओं ने इस आयोजन का भरपूर सहयोग किया। सुरक्षा और व्यवस्थापन सुचारु रहे, जिससे दर्शक आराम से कार्यक्रम का आनंद ले सके। कई स्कूलों और कला संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे और उन्होंने विद्यार्थियों के सांस्कृतिक विकास पर इस प्रकार के कार्यक्रमों के महत्व पर बल दिया।कार्यक्रम के बाद दर्शकों ने सोशल मीडिया पर भी अपनी प्रतिक्रिया साझा की, जहां कई लोगों ने अभिनेता के प्रदर्शन, निर्देशन और समग्र प्रस्तुति की प्रशंसा की। कुछ ने तो इसे सागर में पिछले वर्षों की सबसे शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गिना। आयोजन से स्थानीय पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।कुल मिलाकर, फेलिसिटी थिएटर की “हमारे राम” प्रस्तुति ने सागर के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक यादगार शाम जोड़ दी। कलाकारों की प्रतिभा, निर्देशन की सूक्ष्मता और दर्शकों का प्रेम इस कार्यक्रम की सफलता के मुख्य कारण रहे

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