रूस ने यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में भारत की ओर से किए जा रहे प्रयासों का स्वागत किया है। क्रेमलिन ने कहा है कि भारत संघर्ष के समाधान में व्यावहारिक योगदान देने के लिए तैयार है और इस संबंध में दिए जा रहे सुझावों के लिए रूस अपने भारतीय मित्रों का आभारी है।रूस की सरकारी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने भारत की पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत यूक्रेन से जुड़े हालात को सुलझाने में व्यावहारिक योगदान देने की तत्परता दिखा रहा है। उन्होंने भारत की इस पहल और उसके सुझावों के लिए आभार व्यक्त किया।भारत का प्रस्ताव सबसे व्यापक बताया गयायूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने भी भारत की पहल को महत्वपूर्ण बताया है। उनके अनुसार, यूक्रेन को रूस के साथ संभावित युद्धविराम को लेकर भारत, तुर्की, मिस्र और अमेरिका से प्रस्ताव मिले हैं। इनमें भारत का प्रस्ताव सबसे व्यापक है।सिबिहा ने कहा कि यूक्रेन ऊर्जा क्षेत्र और काला सागर में युद्धविराम के लिए तैयार है, लेकिन उसके लिए युद्धविराम का दायरा व्यापक होना जरूरी है। यूक्रेन चाहता है कि सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ ऊर्जा और बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे पर हमले तथा काला सागर की स्थिति को भी युद्धविराम में शामिल किया जाए।पुतिन ने पीएम मोदी के विचारों की सराहना कीइसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की सराहना की। वल्दाई अंतर्राष्ट्रीय चर्चा क्लब की वार्षिक बैठक में पुतिन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उन विश्व नेताओं में शामिल हैं, जो लगातार यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने का मुद्दा उठाते रहे हैं।पुतिन के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी रूस के साथ होने वाली बैठकों में भी इस विषय को लगातार उठाते हैं और संघर्ष के समाधान में गहरी रुचि लेते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी के पास संघर्ष के आपसी समाधान को लेकर “बहुत अच्छे विचार” हैं।भारत लंबे समय से रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत और कूटनीतिक समाधान पर जोर देता रहा है। ऐसे में रूस और यूक्रेन दोनों पक्षों की ओर से भारत की पहल को महत्व दिया जाना, शांति प्रयासों में भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका को दर्शाता है।