गोंडवाना आदिवासी कला केंद्र

भोपाल के निजी अस्पताल में मरीज की संदिग्ध मौत पर विवाद — परिजनों ने जांच की मांग की, पुलिस और प्रशासन सक्रिय,

राजधानी के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के बाद परिजनों और स्थानीय संगठनों ने अस्पताल प्रबंधन के व्यवहार पर गंभीर आपत्ति जताई है। मामला सामने आने के बाद पुलिस और जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।घटना के अनुसार, मरीज मिंद्रो बाई का उपचार भोपाल के अपोलो अस्पताल (बबड़िया कला) में चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें अत्यधिक शुल्क चुकाने के लिए मजबूर किया गया और अचानक मरीज की हालत बिगड़ने के बाद संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई। परिजनों का कहना है कि मरीज की मृत्यु के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने शव सौंपने में देरी की और उनसे कई औपचारिकताओं पर हस्ताक्षर करवाने का दबाव बनाया गया।इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। कुछ स्थानीय संगठन, जिनमें करनी सेना और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी शामिल थे, अस्पताल पहुंचे और पारदर्शी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल ने किसी प्रकार की लापरवाही की है, तो प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर प्राथमिक जांच प्रारंभ कर दी है। मृतका का पोस्टमॉर्टम करवाने और चिकित्सकीय रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।अस्पताल प्रबंधन ने फिलहाल किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार किया है। सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल ने कहा है कि “मरीज का इलाज सभी चिकित्सा मानकों के अनुसार किया गया था, और मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई।”इस बीच, परिजन और सामाजिक संगठन अस्पताल प्रशासन की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि “यदि सब कुछ नियमानुसार था, तो शव सौंपने में देर और लिखित प्रक्रिया में असंगति क्यों हुई?”प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरा मामला निष्पक्ष जांच के दायरे में लाया जाएगा। जिला स्वास्थ्य विभाग ने भी अस्पताल से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।घटना ने भोपाल में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में न्यायिक जांच और मेडिकल ऑडिट आवश्यक हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *