
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 के अवसर पर स्विट्ज़रलैंड के दावोस में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मालदीव के आर्थिक विकास एवं व्यापार मंत्री श्री मोहम्मद सईद के बीच एक महत्वपूर्ण वन-टू-वन बैठक आयोजित की गई। इस द्विपक्षीय चर्चा में पर्यटन को साझा आधार बनाते हुए चिकित्सा, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, मत्स्य पालन, वन्य जीव संरक्षण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे विविध क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और मालदीव के बीच कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहाँ दोनों की परस्पर पूरक क्षमताओं के आधार पर दीर्घकालिक और स्थायी साझेदारी विकसित की जा सकती है। उन्होंने विशेष रूप से चिकित्सा पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, मत्स्य पालन, वन्य जीव संरक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों को सहयोग के प्रमुख आयाम के रूप में रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के वैश्विक परिदृश्य में पर्यटन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह आर्थिक विकास, निवेश, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक संवाद का सशक्त माध्यम बन चुका है।डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की समृद्ध जैव-विविधता, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध वन्य जीव अभयारण्य, तेजी से विकसित होता मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत इसे वैश्विक सहयोग के लिए एक सक्षम और भरोसेमंद भागीदार बनाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे नवाचार चिकित्सा पर्यटन को नई दिशा दे रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण और किफायती सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पर्यटन आधारित सहयोग से न केवल निवेश के नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि कौशल विकास, मानव संसाधन प्रशिक्षण और लोगों के बीच आपसी संपर्क को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह विश्वास जताया कि मालदीव के साथ सहयोग से मध्यप्रदेश को वैश्विक मंच पर अपनी क्षमताओं को और अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।मालदीव के आर्थिक विकास एवं व्यापार मंत्री श्री मोहम्मद सईद ने बैठक के दौरान पर्यटन को दोनों क्षेत्रों के बीच स्वाभाविक और सशक्त सेतु बताया। उन्होंने कहा कि मालदीव, जो स्वयं एक वैश्विक पर्यटन केंद्र है, मध्यप्रदेश के साथ मिलकर पर्यटन, मानव संसाधन विकास और अनुभव साझा करने के अवसरों को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक है। उन्होंने माना कि दोनों क्षेत्रों के अनुभव एक-दूसरे के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं, विशेषकर सतत पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी के संदर्भ में।
बैठक में दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि आपसी सहयोग को केवल संवाद तक सीमित न रखते हुए उसे संस्थागत स्वरूप दिया जाए। इसके अंतर्गत प्रतिनिधिमंडल स्तर के दौरों को प्रोत्साहित करने, विशेषज्ञों के आदान-प्रदान और सहयोग के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करने पर सहमति बनी।दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के वैश्विक मंच पर हुई यह बातचीत अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है। यह बैठक न केवल मध्यप्रदेश और मालदीव के संबंधों को नई ऊंचाई देने की क्षमता रखती है, बल्कि विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक साझेदारी के नए द्वार खोलने की संभावनाओं को भी मजबूत करती है।