
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार, 29 मार्च को इंदौर में विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान वे सिंहासा आईटी पार्क में “लॉन्चपैड : इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर” का शुभारंभ करेंगे, दशहरा मैदान में “संकल्प से समाधान अभियान” कार्यक्रम में भाग लेंगे तथा अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत जल आपूर्ति परियोजनाओं का भूमि-पूजन और अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण करेंगेसिंहासा आईटी पार्क में स्थापित “लॉन्चपैड : इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर” आईआईटी इंदौर की तकनीकी इकाई और एमपीएसईडीसी के सहयोग से विकसित किया गया है। यह केंद्र डीप-टेक नवाचार, स्टार्टअप्स और उन्नत तकनीकों को प्रोत्साहित करते हुए उद्योग और अकादमिक जगत के बीच समन्वय को मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री इस केंद्र का अवलोकन कर यहां संचालित गतिविधियों की जानकारी भी लेंगे।
“संकल्प से समाधान” से बढ़ा जनविश्वास
दशहरा मैदान में आयोजित “संकल्प से समाधान अभियान” के तहत मुख्यमंत्री हितलाभ वितरण करेंगे। 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक चले इस अभियान में इंदौर जिले में 1 लाख 44 हजार से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया। ग्राम से जिला स्तर तक आयोजित शिविरों में 100 से अधिक सेवाएं प्रदान की गईं, जिससे आमजन का शासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।
अमृत 2.0 से जल आपूर्ति को मजबूती
मुख्यमंत्री नर्मदा जल प्रदाय योजना के चौथे चरण का भूमि-पूजन करेंगे, जो वर्ष 2040 तक की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
- पैकेज–2: 39 किमी लंबी पाइपलाइन और टनल निर्माण (लागत: ₹448.23 करोड़)
- पैकेज–3: 20 नए ओवरहेड टैंक, 685 किमी वितरण लाइन, 1.26 लाख कनेक्शन (लागत: ₹410.50 करोड़)
- पैकेज–4: 20 नए टैंक, 892 किमी पाइपलाइन, 1.21 लाख कनेक्शन (लागत: ₹497.23 करोड़)
इन परियोजनाओं से इंदौर में 24×7 जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
स्वच्छता और जल पुनः उपयोग की दिशा में पहल
सिरपुर क्षेत्र में 20 एमएलडी क्षमता के आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण किया जाएगा, जिसकी लागत लगभग 62.72 करोड़ रुपये है। इस परियोजना के माध्यम से अशोधित सीवेज को तालाबों में जाने से रोका जाएगा तथा उपचारित जल का उपयोग शहर के उद्यानों और हरित क्षेत्रों में किया जाएगा।
समग्र विकास की दिशा में कदम
इंदौर में आयोजित ये कार्यक्रम प्रदेश में नवाचार, सुशासन, जल प्रबंधन और शहरी विकास को एक नई दिशा देने वाले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार तकनीक, आधारभूत संरचना और जनकल्याण के समन्वय से सतत विकास की दिशा में निरंतर अग्रसर है।