
अमेरिका और यूरोप के बीच रक्षा सहयोग को लेकर बड़ा झटका सामने आया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ युद्ध के बीच स्पेन ने अमेरिका से F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान खरीदने की योजना रद्द कर दी है। यह निर्णय यूरोप में अमेरिका के सैन्य विमानन प्रभुत्व के लिए एक दुर्लभ सार्वजनिक झटका माना जा रहा है।स्पेनिश मीडिया एल इकोनॉमिस्टा की रिपोर्ट के अनुसार, स्पेन अब तुर्की के स्वदेशी रूप से विकसित KAAN लड़ाकू विमान में गहरी रुचि दिखा रहा है।स्पेन ने अमेरिकी F-35 जेट न खरीदने का निर्णय मुख्य रूप से बढ़ती लागत, सॉफ्टवेयर की खामियों और परिचालन संबंधी चिंताओं के कारण लिया है। लंबे समय से F-35 जेट अपनी खराब ऑपरेशनल उपलब्धता और उच्च मेंटेनेंस लागत को लेकर आलोचना का शिकार रहा है।तुर्की एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (TUSAS) द्वारा विकसित KAAN तुर्की का पहला पाँचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है। फरवरी 2024 में अपनी पहली उड़ान पूरी करने वाले इस विमान ने अपने स्टील्थ डिजाइन, आधुनिक एवियोनिक्स और हवा से हवा तथा हवा से ज़मीन पर मार करने वाली दोहरी क्षमताओं के कारण अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया है।अमेरिका ने तुर्की को रूसी S-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने पर F-35 प्रोजेक्ट से बाहर कर दिया था। इसके बाद राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने स्वदेशी लड़ाकू विमान निर्माण कार्यक्रम शुरू किया। इसी प्रयास का परिणाम है KAAN, जिसे पश्चिमी विमानों के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
तुर्की ने 2028 तक अपनी वायुसेना में कम से कम 20 KAAN विमान शामिल करने की योजना बनाई है। TUSAS के सीईओ टेमेल कोटिल ने इस वर्ष की शुरुआत में घोषणा की थी कि “KAAN, F-35 से बेहतर विमान है।” यह बयान तुर्की के अपनी रक्षा क्षमताओं में बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है।स्पेन का यह निर्णय केवल अमेरिका के लिए ही नहीं, बल्कि यूरोप के रक्षा बाज़ार के लिए भी बड़ा संकेत है। तुर्की निर्मित KAAN, यूरोपीय देशों को एक नया विकल्प उपलब्ध करा सकता है और यह कदम अमेरिकी रक्षा उद्योग के लिए चिंता का विषय बन सकता है।