राज्य सरकार सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। इस दिशा में परिवहन वाहनों – जैसे बस, ट्रक, टैक्सी आदि – का संचालन करने वाले ड्रायवरों, कंडक्टरों एवं क्लीनर स्टाफ के कार्य घंटों से संबंधित प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने की पहल की जा रही है।इसी क्रम में शुक्रवार को श्रमायुक्त कार्यालय, इंदौर में मोटर ट्रांसपोर्ट नियोजकों की एक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।श्रमायुक्त ने इस अवसर पर वाहनचालकों के समय-समय पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, विशेषकर नेत्र परीक्षण, सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि ड्रायवरों की कार्य अवधि और विश्राम के समय की नियमित निगरानी आवश्यक है ताकि थकावट से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।श्रमायुक्त ने यह भी सुझाव दिया कि सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने के लिए तकनीकी उपकरणों जैसे कि सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग प्रणाली आदि का उपयोग अनिवार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियान और प्रचार-प्रसार के माध्यम से भी सुरक्षा उपायों को जन-जन तक पहुँचाया जाना चाहिए।राज्य सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसके लिए सभी संबंधित विभाग समन्वित प्रयास कर रहे हैं।