उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को उरई में जनता को विकास की बड़ी सौगात दी। उन्होंने कुल 1824 करोड़ 57 लाख रुपये की लागत वाली 305 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, विद्युत और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।मुख्यमंत्री अपराह्न 3:10 बजे हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन, उरई पहुँचे। वहां से कार द्वारा इंदिरा स्टेडियम पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। मंच पर जिले की नून नदी पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसमें जालौन जिले में हो रहे विकास कार्यों की झलक दिखाई गई।मुख्यमंत्री ने 165 परियोजनाओं का लोकार्पण किया, जिनकी कुल लागत 507 करोड़ 57 लाख रुपये है। इनमें ग्राम्य विकास विभाग की 3, राज्य सेतु निगम की 5, पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन की 2, लोक निर्माण विभाग की 23, जल निगम ग्रामीण की 12, पुलिस आवास की 2, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की 18, आवास एवं विकास परिषद की 25, यूपीपीसीएल की 14, राज्य पर्यटन विकास निगम की 5 और डूडा की 20 परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में सड़क, पुल, विद्युत आपूर्ति, पेयजल और आवासीय सुविधाओं का विस्तार होगा।सीएम योगी ने 140 परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया, जिनकी कुल लागत 1317 करोड़ रुपये है। इनमें लोक निर्माण विभाग की 27, पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन की 4, जल निगम नगरीय की 10, यूपीपीसीएल की 7, आवास एवं विकास परिषद की 21, यूपी सिडको की 7, लघु सिंचाई की 11 और नगरपालिका उरई की 24 परियोजनाएं प्रमुख हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल रोजगार सृजन होगा बल्कि औद्योगिक निवेश और शहरी विकास को भी नई दिशा मिलेगी।

कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन योजनाओं के पूरा होने के बाद जालौन, उरई और आसपास के क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रत्येक जिले में औद्योगिक निवेश और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित कर रही है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन पर भी रोक लगेगी।सीएम ने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन की सरकार विकास की योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतार रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन योजनाओं से आम जनता के जीवन स्तर में व्यापक बदलाव आएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है।