वेनेजुएला की राजनीति में एक बड़ा और नाटकीय घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेंस को आधी रात एक सैन्य कार्रवाई के दौरान हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई की जानकारी स्वयं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को दी। ट्रंप ने दावा किया कि निकोलस मादुरो को सत्ता से हटा दिया गया है और जब तक वेनेजुएला में राजनीतिक बदलाव की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक अमेरिका अस्थायी रूप से देश के प्रशासनिक ढांचे को नियंत्रित करेगा।अमेरिकी राष्ट्रपति का आरोप है कि मादुरो शासन ड्रग्स तस्करी, अवैध हथियारों की आपूर्ति और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के माध्यम से अमेरिका के राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुँचा रहा था। ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई केवल कानून-व्यवस्था या ड्रग्स तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वेनेजुएला में गहराते भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ एक निर्णायक कदम है।वेनेजुएला प्राकृतिक संसाधनों के मामले में दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में गिना जाता है। देश के पास विश्व का सबसे बड़ा प्रमाणित कच्चे तेल का भंडार है। अनुमान के अनुसार, वेनेजुएला में लगभग 303 अरब बैरल कच्चा तेल मौजूद है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण का मानना है कि तकनीकी रूप से 380 से 652 अरब बैरल तक तेल निकाला जा सकता है।का ओरिनोको बेल्ट क्षेत्र लगभग 55,000 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और यह भारी कच्चे तेल के लिए जाना जाता है। इसके अलावा, वेनेजुएला गुयाना शील्ड क्षेत्र में स्थित है, जहां सोने और अन्य कीमती खनिजों के विशाल भंडार मौजूद हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, वेनेजुएला में 10,000 टन से अधिक निकालने योग्य सोना है, जिसमें अकेले ओरिनोको माइनिंग आर्क क्षेत्र में 8,000 टन से अधिक सोना शामिल है।

इसके बावजूद, वेनेजुएला आज गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। देश में दुनिया की सबसे अधिक मुद्रास्फीति दर्ज की जा चुकी है। आम नागरिकों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी कठिन हो गया है। स्थानीय मुद्रा का मूल्य ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर है और बेरोजगारी व गरीबी चरम पर पहुँच चुकी है।विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका द्वारा की गई यह कार्रवाई केवल ड्रग्स तस्करी या भ्रष्टाचार के आरोपों तक सीमित नहीं है। वेनेजुएला के तेल, सोने और दुर्लभ खनिजों पर नियंत्रण लंबे समय से वैश्विक शक्तियों की नजर में रहा है। अमेरिका यह भी मानता है कि मादुरो सरकार के रहते वह अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों को सुरक्षित नहीं कर सकता था।इसके साथ ही, वेनेजुएला में रूस और चीन का बढ़ता प्रभाव भी अमेरिका के लिए चिंता का विषय रहा है। मादुरो सरकार ने बीते वर्षों में रूस और चीन के साथ गहरे आर्थिक और सैन्य संबंध बनाए थे। ऐसे में अमेरिका इस कार्रवाई को लैटिन अमेरिका में अपने प्रभाव को दोबारा मजबूत करने और प्रतिद्वंद्वी शक्तियों को पीछे धकेलने के रूप में देख रहा है।