अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है। कैरिबियन क्षेत्र में अमेरिकी सेना की बढ़ती गतिविधियों के बीच व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की स्थिति पर लगातार उच्चस्तरीय बैठकों की श्रृंखला आयोजित की है। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पिछले सप्ताह वेनेजुएला के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर विचार करने के लिए तीन अलग-अलग बैठकों का आयोजन हुआ। इन बैठकों में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सहित शीर्ष सैन्य और नागरिक अधिकारी शामिल हुए।अमेरिका ने लंबे समय से वेनेजुएला पर ड्रग तस्करी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि वेनेजुएला सरकार ने अमेरिकी सुरक्षा हितों को चुनौती दी है और क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर किया है। इसी संदर्भ में अमेरिकी सेना ने कैरिबियन के समुद्री क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को उल्लेखनीय रूप से बढ़ा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने वेनेजुएला के तट के पास F-35 लड़ाकू विमान, युद्धपोत और एक परमाणु पनडुब्बी की तैनाती की है। इसके अलावा, गेराल्ड फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भी लैटिन अमेरिका क्षेत्र में पहुंच चुका है। यह विशाल पोत 75 से अधिक सैन्य विमानों और 5000 से अधिक नौसैनिकों से लैस है। इन तैनातियों को अमेरिकी शक्ति प्रदर्शन और संभावित सैन्य तैयारी का संकेत माना जा रहा है।

बुधवार को एक छोटे समूह की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें स्थिति की प्रारंभिक समीक्षा की गई। इसके बाद गुरुवार को एक विस्तृत बैठक हुई, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्वयं सिचुएशन रूम में उपस्थित रहे। उन्हें संभावित सैन्य प्रतिक्रियाओं, अभियानों और कूटनीतिक विकल्पों के विस्तृत खाके प्रस्तुत किए गए। व्हाइट हाउस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है, लेकिन यह साफ है कि अमेरिकी प्रशासन इस मुद्दे को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है।