विधानसभा में हंगामे के बीच दोपहर 2 बजे तक कार्यवाही स्थगित, विभिन्न मुद्दों पर तीखी बहस,

भोपाल, 19 फरवरी 2026। मध्यप्रदेश विधानसभा में गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विभिन्न मुद्दों को लेकर तीखा हंगामा हुआ। लगातार नारेबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के बीच विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने इंदौर की हालिया घटना को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और इसे “मृत्यु नहीं, हत्या” बताया। उन्होंने संबंधित मंत्री से इस्तीफे की मांग की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल की मर्यादा बनाए रखने का आग्रह किया और कहा कि जिन विषयों पर मामला न्यायालय या आयोग में लंबित है, उन पर विस्तृत चर्चा संभव नहीं है।भागीरथपुरा हादसे को लेकर भी सदन में तीखी बहस हुई। स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जानकारी दी कि अब तक 22 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है तथा मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने मौतों की संख्या 35 से अधिक होने का दावा करते हुए मुआवजे को अपर्याप्त बताया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यह अत्यंत गंभीर विषय है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मामले में एक आईएएस अधिकारी को निलंबित किया गया है। साथ ही घोषणा की कि मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये के स्थान पर 5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।मुद्दे पर मंत्री प्रह्लाद पटेल एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विपक्ष पर पलटवार किया। सदन में तीखी नोकझोंक और हंगामे के बीच अध्यक्ष ने कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित की।इससे पूर्व, भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन ने जर्जर स्कूल भवनों का मुद्दा उठाया। स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि सिवनी क्षेत्र में 44 विद्यालय भवन जीर्ण-शीर्ण स्थिति में हैं तथा 5 नए भवन स्वीकृत किए गए हैं। प्रदेशभर में लगभग 1800 स्कूल भवनों को जर्जर चिह्नित किया गया है तथा अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए 1200 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा करते हुए राज्य के बजट की आलोचना की और बढ़ते कर्ज को लेकर चिंता जताई।सहरिया आदिवासियों से जुड़े मुद्दे पर भी सदन में चर्चा हुई। राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि वन भूमि पर बसाहट का कोई प्रावधान नहीं है, जबकि विधानसभा अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि सहरिया समुदाय को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।लगातार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *