
भारतीय रेलवे ने यात्रियों को अधिक आरामदायक और सुविधाजनक सफर देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। रेलवे बोर्ड द्वारा 9 जनवरी को जारी नए सर्कुलर के अनुसार, आगामी वंदे भारत (स्लीपर) ट्रेनों में अब RAC और वेटिंग टिकट की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।इस बदलाव के बाद वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में केवल कंफर्म टिकट धारक ही यात्रा कर सकेंगे। इससे यात्रियों को आधी सीट या साझा बर्थ पर सफर करने की मजबूरी से पूरी तरह राहत मिलेगी।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के नए नियम
रेलवे द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में:
- RAC, वेटलिस्टेड या आंशिक रूप से कंफर्म टिकट का कोई प्रावधान नहीं होगा
- सभी बर्थ एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) के पहले ही दिन से बुकिंग के लिए उपलब्ध रहेंगी
- केवल पूरी तरह कंफर्म टिकट पर ही यात्रा की अनुमति होगी
न्यूनतम दूरी और किराए में बदलाव
रेलवे ने किराया ढांचे में भी बदलाव किया है।
- वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के लिए न्यूनतम चार्ज दूरी 400 किलोमीटर तय की गई है
- स्लीपर क्लास में न्यूनतम 200 किलोमीटर का किराया देना अनिवार्य होगा, जिसकी कीमत 149 रुपये निर्धारित की गई है
- यदि कोई यात्री 100 किलोमीटर की यात्रा करता है, तो भी उसे 200 किलोमीटर का न्यूनतम किराया देना होगा
सीमित कोटा व्यवस्था
नई व्यवस्था के तहत स्लीपर क्लास में अब केवल तीन कोटा श्रेणियां लागू होंगी:
- महिलाएं
- दिव्यांगजन
- वरिष्ठ नागरिक
इनके अलावा किसी अन्य कोटे का प्रावधान नहीं किया गया है।
लोअर बर्थ को लेकर राहत
रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लोअर बर्थ आवंटन प्रणाली को और सरल बना दिया है।
अब सिस्टम स्वतः उपलब्धता के आधार पर:
- 60 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों
- 45 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं
को लोअर बर्थ देने का प्रयास करेगा।
रेलवे का मानना है कि इन बदलावों से वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में यात्रा अनुभव अधिक आरामदायक, सुव्यवस्थित और सम्मानजनक होगा।