भोपाल: केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा है कि शहरों के समग्र विकास के लिए केन्द्र सरकार से मिलने वाली बजट राशि का समय पर और पूर्ण उपयोग किया जाना अत्यंत आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत की जो परिकल्पना की है, उसे तभी साकार किया जा सकेगा जब केन्द्र और राज्य सरकारें आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगी।केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल शनिवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक (उत्तरी एवं मध्य राज्य) को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के शहरी विकास मंत्री, राज्य मंत्री, केन्द्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के लिए तैयार की गई कार्य दिशा पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि अनुमान के अनुसार वर्ष 2047 तक भारत की शहरी आबादी कुल जनसंख्या का लगभग 50 प्रतिशत हो जाएगी। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए यदि अभी से सुनियोजित और प्रभावी शहरी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाए, तो ही विकसित भारत का सपना पूरा हो सकेगा। उन्होंने बताया कि शहरी कार्य मंत्रालय ने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए क्षेत्रवार राज्यों की बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया है, क्योंकि प्रत्येक राज्य की भौगोलिक परिस्थितियां और समस्याएं अलग-अलग हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि केन्द्र सरकार राज्यों के विकास में एक सहयोगी और सहायक प्रणाली के रूप में कार्य करती है, लेकिन ठोस प्रयास और जमीनी क्रियान्वयन राज्य सरकारों को ही करना होगा।केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि इस क्षेत्रीय बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन और शहरी परिवहन व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत निर्मित आवासों के आवंटन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की और कहा कि राज्य सरकारों को जनता की वित्तीय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए इस दिशा में प्रभावी प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि “सबको आवास” केन्द्र सरकार की प्रमुख फ्लैगशिप योजना है और इसके सफल क्रियान्वयन के लिए निजी रियल एस्टेट सेक्टर को भी प्रोत्साहित करना आवश्यक है।मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि प्रदेश में नगरीय निकायों को आर्थिक और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी के तटवर्ती शहरों में सीवरेज कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है और राज्य सरकार का संकल्प है कि नर्मदा नदी में किसी भी स्थिति में गंदा पानी न जाए।जानकारी दी कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में संपत्तियों की जीआईएस मैपिंग की गई है, जिससे संपत्ति कर में लगभग 150 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। श्री विजयवर्गीय ने अमृत योजना के अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए केन्द्र सरकार से सहयोग का अनुरोध भी किया।कार्यक्रम में केन्द्रीय सचिव, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, श्री श्रीनिवास कटिकिथला ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक के उद्देश्य और आयोजन की जानकारी दी।कार्यक्रम के दौरान नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नागरिकों को दी जा रही ऑनलाइन सेवाओं पर आधारित एक वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें पानी के सदुपयोग, अर्बन लॉकर, व्हीकल फ्यूल मॉनिटरिंग सिस्टम और अन्य डिजिटल सेवाओं की जानकारी दी गई।बैठक में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उत्तरप्रदेश के मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा, राजस्थान के मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा सहित केन्द्र एवं राज्य सरकारों के अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।