मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में नगरीय विकास परियोजनाओं को विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने, शहरी क्षेत्रों में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने तथा नागरिक सेवाओं में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रणालियों के अधिकाधिक उपयोग पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल की 11वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।बैठक में नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित संचालक मंडल के पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में कंपनी से जुड़े प्रबंधकीय, वित्तीय, लेखा परीक्षा एवं अंकेक्षण संबंधी विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए गए।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में अर्बन मोबिलिटी, ई-वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट प्रणाली विकसित करने तथा नागरिक सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने सभी नगरीय निकायों में जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्थाओं के प्रति विशेष सजगता और सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नमामि गंगे अभियान’ की तर्ज पर प्रदेश में ‘नमामि नर्मदे परियोजना’ पर कार्य आरंभ किया जाए। इसके अंतर्गत नर्मदा नदी तट पर स्थित नगरीय बसाहटों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरणीय सुधार तथा उपचारित जल के पुनः उपयोग के लिए एक समग्र कार्य योजना बनाई जाए। उन्होंने नर्मदा एवं तापी नदी के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को दृष्टिगत रखते हुए नदियों के सर्वांगीण और समग्र विकास के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया।बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में प्रदेश में शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी में चार स्वतंत्र व्यावसायिक प्रभागों के गठन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इनमें परिसंपत्ति प्रबंधन एवं पीपीपी मोड, सूचना प्रौद्योगिकी, शहरी गतिशीलता तथा नमामि नर्मदे एवं हरित एवं नदी संरक्षण प्रभाग शामिल हैं।

परिसंपत्ति प्रबंधन एवं पीपीपी प्रभाग के अंतर्गत नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने, जनहित कार्यों में निजी निवेश को बढ़ावा देने, वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने, नीति आयोग एवं अन्य संबंधित विभागों से समन्वय तथा मेट्रोपोलिटन एरिया डेवलपमेंट प्लानिंग को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही सोलर प्रोजेक्ट्स, ग्रीन बॉन्ड, अप्रयुक्त परिसंपत्तियों के वैकल्पिक उपयोग जैसे नवाचारों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।सूचना प्रौद्योगिकी प्रभाग के अंतर्गत ई-नगर पालिका प्रणाली, सीसीटीवी एवं जीआईएस आधारित निगरानी व्यवस्था, नागरिक सेवा प्लेटफॉर्म का उन्नयन, टोल संग्रह ई-पोर्टल तथा ऑनलाइन राजस्व संग्रहण जैसी स्मार्ट सिटी प्रणालियों का संचालन किया जाएगा।बैठक में यह भी बताया गया कि शहरी गतिशीलता प्रभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश ईवी पॉलिसी का प्रभावी क्रियान्वयन, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब, रोपवे, मल्टी लेवल पार्किंग, सार्वजनिक साइकिल सेवा, सिटी मोबिलिटी प्लान तथा ई-वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाएगा।बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्री संजय दुबे, श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव श्री सुखबीर सिंह, श्री पी. नरहरि, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं आवास श्री संकेत भोंडवे सहित कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।