
महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 12 अप्रैल को सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त जारी की जाएगी। इस अवसर पर प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से 1500 रुपए की राशि ट्रांसफर की जाएगी।उल्लेखनीय है कि पूर्व में इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को 1250 रुपए प्रति माह की सहायता प्रदान की जा रही थी, जिसे अब बढ़ाकर 1500 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। यह योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा लगभग 115 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से:
- सांदीपनि विद्यालय भवन निर्माण (आष्टा)
- पार्वती नदी पर घाट निर्माण
- जावर में नेवज नदी का पुनरुद्धार
- मेहतवाड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
- सिद्दीगंज में उपतहसील भवन
- आष्टा में राजस्व कार्यालय
- आष्टा-शुजालपुर मार्ग पर पुल निर्माण
इसके अतिरिक्त, लगभग 69 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया जाएगा, जिनमें:
- विद्यालय एवं छात्रावास निर्माण
- पुलिस आवास निर्माण
- सड़क एवं सामुदायिक भवन निर्माण
- अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत पेयजल परियोजनाएं
आष्टा शहर के शहरी विकास के लिए भी कई कार्य प्रस्तावित हैं, जिनमें आरसीसी नाला निर्माण, सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण, सब्जी मंडी का विकास तथा पांडू शिला क्षेत्र का सुंदरीकरण शामिल है।राज्य सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। इसी दिशा में भविष्य में महिलाओं को रोजगार एवं कौशल विकास से जोड़ने की योजनाएं भी लागू की जाएंगी।लाड़ली बहना योजना प्रदेश की महिलाओं के लिए एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा कवच के रूप में उभर रही है, जिससे वे न केवल घरेलू खर्चों में सहयोग कर रही हैं, बल्कि बचत एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी तलाश रही हैं।