
रूस ने सैन्य क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए बेरेंट्स सागर में जिरकोन (त्सिरकॉन) हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने रविवार को जानकारी दी कि परीक्षण के दौरान यह मिसाइल सटीकता से अपने लक्ष्य पर दागी गई और उसने सीधे प्रहार कर उसे नष्ट कर दिया।
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी फुटेज में दिखाया गया कि उत्तरी बेड़े के एडमिरल गोलोव्को फ्रिगेट से मिसाइल को लंबवत प्रक्षेपित किया गया और फिर यह तीव्र शक्ति के साथ क्षितिज की ओर बढ़ी। इसने निर्धारित लक्ष्य को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
रूस ने इसी दौरान बेलारूस के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास में अपने सुखोई एसयू-34 सुपरसोनिक लड़ाकू बमवर्षकों से भी हमले का अभ्यास किया। विश्लेषकों का मानना है कि रूस की यह सैन्य गतिविधि यूक्रेन युद्ध और अमेरिका के साथ जारी तनाव को और बढ़ा सकती है।
👉 जिरकोन मिसाइल की खासियतें
- रूस में इसे 3M22 जिरकोन और नाटो देशों में SS-N-33 के नाम से जाना जाता है।
- मारक क्षमता: 400 से 1,000 किलोमीटर
- वारहेड क्षमता: 300-400 किलोग्राम
- गति: ध्वनि की गति से नौ गुना अधिक (हाइपरसोनिक स्तर)
- समुद्र और जमीन, दोनों पर 1,000 किलोमीटर से अधिक दूरी के लक्ष्य भेदने में सक्षम।