रेत माफियाओं की बेलगाम गुंडागर्दी: अधिकारी असुरक्षित, प्रशासन मौन, जनता असहाय!,

नवेगांव/जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा –*मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में अवैध रेत उत्खनन का साम्राज्य अब भय का पर्याय बन चुका है। कट्टा नदी के किनारों से *बेरोकटोक रेत का अवैध उत्खनन, तेज़ रफ्तार में दौड़ते ट्रैक्टर-ट्रॉली, सरकारी आदेशों की खुलेआम अवहेलना और अब सरकारी अधिकारियों पर जानलेवा हमले—ये सब दर्शाते हैं कि *रेत माफियाओं का नेटवर्क न सिर्फ़ मजबूत है बल्कि प्रशासनिक तंत्र की चुप्पी से भी पोषित हो रहा है।

🔴 नायब तहसीलदार को धमकी, FIR दर्ज

27 मई 2025 को नायब तहसीलदार श्री मोहित बोरकर द्वारा थाने में दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, सग्गम गोलाई जुन्नारदेव निवासी सलमान खान ने एक अवैध रेत परिवहन में पकड़े गए ट्रैक्टर के बाद उन्हें सार्वजनिक रूप से जान से मारने की धमकी दी।इस पर थाना प्रभारी द्वारा आरोपी सलमान पर धारा 296, 351(3), 132, 221 BNS के तहत FIR क्रमांक 212/2025 पंजीबद्ध की गई। उक्त प्राथमिकी में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि किस प्रकार से सलमान खान और उसके गुर्गों ने अधिकारियों को धमकाया और अपने वाहन छुड़ाने के लिए दबाव बनाया।क्षेत्र की कट्टा नदी से प्रतिदिन रात-दिन रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, ट्रैक्टर ट्रॉलियों की रफ्तार इतनी तेज होती है कि कई बार बच्चे, बुज़ुर्ग और आम नागरिक बाल-बाल बचे हैं।इन ट्रैक्टरों के अनियंत्रित संचालन पर पुलिस विभाग धृतराष्ट्र बना बैठा है—न कोई रोक, न चालान, न कोई कार्रवाई।खनिज विभाग और राजस्व अधिकारियों की अनदेखी भी इस बात की गवाही देती है कि अब तक किसी भी बड़े रेत माफिया पर सीधी कार्यवाही नहीं की गई है।

इससे पहले तहसीलदार जुन्नारदेव श्री राजेन्द्र टेकाम ने सलमान खान के अवैध रेत भंडारण पर छापा मारा था, जिसमें बाकायदा पंचनामा भी तैयार किया गया था। लेकिन उस पर प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे सलमान जैसे अपराधियों के हौसले और बुलंद हो गए।दमुआ में रेत माफिया सगीर और उसके साथियों द्वारा एक आदिवासी युवक पर जानलेवा हमला किया गया, जबकि तामिया क्षेत्र में महिला खनिज अधिकारी पर पत्थरबाजी जैसी घटनाएँ हो चुकी हैं। ये घटनाएँ सिर्फ माफिया के दुस्साहस को नहीं बल्कि प्रशासन की लाचारी को भी उजागर करती हैं।

🔒 सलमान खान जेल में, लेकिन क्या रेत माफिया की जड़ें हिलेंगी?

सलमान खान की गिरफ्तारी एक बड़ी राहत के रूप में देखी जा सकती है, लेकिन अब सवाल उठता है कि –
👉 क्या प्रशासन अब भी ‘रेत के खेल’ को चुपचाप चलता देखता रहेगा?
👉 क्या खनिज विभाग और राजस्व विभाग अब ठोस रणनीति बनाएंगे?
👉 क्या ट्रैक्टरों की अनियंत्रित दौड़ पर नकेल कसी जाएगी?
👉 क्या अब स्थानीय जनता को राहत मिलेगी?

🛑 समाप्त नहीं हुआ खतरा: सिस्टम से ही सवाल

यदि सलमान जैसे मुख्य आरोपी जेल जा चुके हैं, तो यह राजस्व और खनिज विभाग के लिए अब निर्णायक समय है। प्रशासन यदि अब भी निष्क्रिय रहा, तो यह मान लिया जाएगा कि या तो सिस्टम कमजोर है या फिर माफिया से मिला हुआ है।अब समय आ गया है जब शासन-प्रशासन को यह सिद्ध करना होगा कि वे माफिया के आगे नहीं झुकेंगे। नहीं तो आने वाली पीढ़ियाँ भी रेत में सिर्फ़ सड़कें नहीं, अपना भविष्य भी गाड़ती जाएंगी।

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