एमपी में 21 साल बाद सड़कों पर दौड़ेंगी सरकारी बसें
मध्यप्रदेश में 21 साल बाद सरकारी बस सेवाएं एक बार फिर शुरू होने जा रही हैं। लंबे समय से बंद पड़ी राज्य परिवहन बसों को पुनः चालू करने के लिए सरकार ने औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है।
नई योजना के तहत शुरुआती चरण में चुनिंदा रूटों पर आधुनिक और सुरक्षित सरकारी बसें चलाई जाएंगी। इनमें ट्रैकिंग सिस्टम, बेहतर सीटिंग, कैमरे और यात्रियों की सुविधा के लिए नई तकनीक शामिल होगी।

राज्य में ‘जनबस’ के नाम से सरकारी बस चलाएगी सरकार
मध्यप्रदेश सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में ‘जनबस’ नाम से नई सरकारी बस सेवा शुरू की जाएगी।
सरकार का कहना है कि जनबस का उद्देश्य हर वर्ग के लोगों को
- सुरक्षित,
- सुलभ, और
- सस्ती
यात्रा सुविधा प्रदान करना है।
पहले चरण में जनबस सेवाएं प्रमुख शहरों और चुनिंदा इंटर-सिटी रूटों पर शुरू होंगी। बाद में इसे ग्रामीण इलाकों तक विस्तारित किया जाएगा। बसों में
- जीपीएस,
- कैमरा सुरक्षा,
- आरामदायक सीटें,
- डिजिटल टिकटिंग प्रणाली
जैसी सुविधाएँ होंगी।
सरकार का मानना है कि जनबस सेवा के आने से यात्रियों को बेहतर विकल्प मिलेगा और परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन बढ़ेगा।
यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी 25 जिलों में बसों का संचालन करेगी
कंपनी के संचालक मंडल की ने 6 हजार से ज्यादा रूट को मंजूरी दी
इन रूट पर 10 हजार 879 बसें दौड़ेंगी
इस सेंट्रलाइज्ड सिस्टम की शुरुआत अप्रैल 2026 से आर्थिक राजधानी इंदौर से की जाएगी
अप्रैल 2027 तक सभी संभाग और जिलों में यह नई व्यवस्था लागू हो