मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को खजुराहो कन्वेंशन सेंटर के समीप स्थापित बुंदेलखंड केसरी महाराजा छत्रसाल बुंदेला तथा भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की नवनिर्मित प्रतिमाओं का भव्य अनावरण किया। यह अवसर ऐतिहासिक और गौरवशाली रहा, जिसमें प्रदेश सरकार के सभी केबिनेट मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराजा छत्रसाल बुंदेला वीरता, स्वाभिमान और जनता की सेवा के अद्भुत प्रतीक रहे हैं। उन्होंने बुंदेलखंड को अन्याय और अत्याचार से मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी प्रतिमा युवाओं को प्रेरित करेगी और हमें इतिहास की उस गौरवशाली परंपरा की याद दिलाएगी, जिसमें राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा सर्वोपरि मानी जाती थी। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड की धरती रानी लक्ष्मीबाई, महाराजा छत्रसाल और अनेक अमर बलिदानियों की जन्मभूमि है, इसलिए यहां वीरता और त्याग की परंपरा सदियों से जीवित है।डॉ. यादव ने सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को भी विस्तार से याद किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने देश की 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत के निर्माण का अद्वितीय कार्य किया। उनकी दूरदृष्टि, कठोर संकल्प और संगठन क्षमता के कारण ही आज भारत एक एकीकृत राष्ट्र के रूप में दुनिया के सामने खड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल केवल स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक ही नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के सृजनकर्ता भी थे। उनकी प्रतिमा हम सभी को राष्ट्रभक्ति, एकता और संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा देती रहेगी।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बुंदेलखंड क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार, सड़कों का सुदृढ़ीकरण, पेयजल एवं सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार तथा स्थानीय रोजगार सृजन पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। खजुराहो जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत पहचान दिलाने के लिए भी कई योजनाएँ लागू की जा रही हैं।

छतरपुर प्रवास के दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खजुराहो के प्राचीन व विश्व धरोहर स्थल मतंगेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मतंगेश्वर महादेव के समक्ष प्रदेशवासियों के कल्याण, सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और सुरक्षा की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर प्रदेश की ताकत है। खजुराहो समूह के मंदिर न केवल भारत की प्राचीन कला, स्थापत्य और संस्कृति के प्रतीक हैं, बल्कि विश्व भर के पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं।डॉ. यादव ने मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि खजुराहो में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए सुविधाओं को और अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि खजुराहो की सांस्कृतिक महिमा को बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार अनेक विकासात्मक कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री के इस दो दिवसीय प्रवास ने छतरपुर एवं खजुराहो क्षेत्र में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। प्रतिमाओं के अनावरण और मंदिर दर्शन दोनों ही कार्यक्रम राज्य की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण तथा सम्मान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।