
इंदौर। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा है कि मालवा उत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि मेल-मिलाप, आत्मीयता और सांस्कृतिक एकता का मंच है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष आयोजित होने वाला यह उत्सव आज अपनी रजत जयंती मना रहा है और देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री शनिवार को इंदौर में लोक संस्कृति मंच द्वारा आयोजित मालवा उत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि भांगड़ा, गरबा और अन्य लोक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने ऐसा वातावरण निर्मित कर दिया मानो स्वर्ग धरती पर उतर आया हो। रजत जयंती वर्ष में आयोजित इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने अपनी लोक कला एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि मालवा उत्सव जैसे आयोजन छोटे कलाकारों, हस्तशिल्पियों, दुकानदारों, ठेला एवं झूला संचालकों सहित अनेक लोगों के रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने “मालवा उत्सव” और “मैंगो जत्रा” को सामाजिक सौहार्द एवं सांस्कृतिक समन्वय का प्रतीक बताते हुए लोक संस्कृति मंच को रजत जयंती वर्ष के अवसर पर 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री का लोक नृत्य दलों द्वारा पारंपरिक स्वागत किया गया। इस अवसर पर गरबा, भांगड़ा, बधाई सहित विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। उत्सव में विभिन्न राज्यों के हस्तशिल्प, कलाकृतियों एवं मालवा सहित अन्य क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।इस दौरान मुख्यमंत्री Mohan Yadav इंदौर के ग्रामीण हाट बाजार परिसर में मराठी सोशल ग्रुप द्वारा आयोजित तीन दिवसीय “मैंगो जत्रा” में भी शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर आम उत्पादक किसानों से संवाद किया और उनके प्रयासों की सराहना की। आयोजन में महाराष्ट्र के देवगढ़ और रत्नागिरी के प्रसिद्ध हापुस (अल्फांसो) आमों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इस वर्ष “किसान कल्याण वर्ष” मना रही है। देवगढ़ और रत्नागिरी के प्रसिद्ध हापुस आमों का माँ अहिल्या की नगरी इंदौर के मालवा बाजार तक पहुंचना देश की आंतरिक एकात्मता का प्रतीक है। उन्होंने 24 आम उत्पादक किसानों को 11-11 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंगो जत्रा जैसे आयोजन किसानों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त होता है और ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण एवं ताजे उत्पाद उपलब्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।मैंगो जत्रा में आम से बने आइसक्रीम, शेक, मिठाइयों, आमरस, जैम, स्क्वैश, कैंडी, अचार एवं अन्य पारंपरिक खाद्य उत्पादों के स्टॉल लोगों के विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इसके साथ ही खादी वस्त्र एवं हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी ने आयोजन को और अधिक विशेष बना दिया।कार्यक्रम में Sumitra Mahajan, सांसद Shankar Lalwani, जल संसाधन मंत्री Tulsi Silawat, विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री गोलू शुक्ला, श्री मधु वर्मा, श्रीमती मालिनी गौड़, श्री श्रवण चावड़ा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, किसान, उद्यमी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।