डॉ. मोहन यादव ने क्लाइमेट वीक-2026 को संबोधित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) मानव अस्तित्व, आर्थिक स्थिरता और भावी पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ी एक गंभीर वैश्विक चुनौती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ते हुए पर्यावरण की अनदेखी नहीं की जा सकती। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना ही वास्तविक प्रगति का आधार है।ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर ठोस, समयबद्ध और व्यावहारिक समाधान पर काम करना आज की आवश्यकता है। भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं में राज्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और मध्यप्रदेश इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सर्वाधिक नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन करने वाले राज्यों में शामिल होकर नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभा रहा है।कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश शासन के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में प्रतिष्ठित Sequoia Climate Foundation के बीच मुख्यमंत्री की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता राज्य में हरित ऊर्जा के विकास को नई गति प्रदान करेगा।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का समाधान केवल एक देश या सरकार के स्तर पर संभव नहीं है। इसके लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल देते हुए कहा कि स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना, हरित तकनीकों को अपनाना और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करना भविष्य का विकास मार्ग है।उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने ईवी नीति लागू की। राज्य में 300 मेगावाट 4 घंटे सौर-सह ऊर्जा स्टोरेज परियोजना, 300 मेगावाट 6 घंटे सौर-सह ऊर्जा परियोजना तथा 24×7 नवकरणीय ऊर्जा बैटरी आधारित स्टोरेज प्रोजेक्ट पर कार्य प्रगति पर है। यह भारत की अपनी तरह की पहली पहल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में राज्य की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सौर ऊर्जा में 48 प्रतिशत और पवन ऊर्जा में 19 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। मध्यप्रदेश अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ पड़ोसी राज्यों और भारतीय रेलवे को भी स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध करा रहा है।उन्होंने ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट को दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट बताते हुए कहा कि इस परियोजना में किसी भी नागरिक को विस्थापित नहीं किया गया है और ऊर्जा उत्पादन प्रारंभ हो चुका है। इसके अलावा सांची को देश की पहली सोलर सिटी बनाने की दिशा में राज्य ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।मुख्यमंत्री ने निवेशकों को हरसंभव सहयोग और सुरक्षा की गारंटी देते हुए कहा कि सरकार, निजी क्षेत्र और नीति निर्माताओं के संयुक्त प्रयासों से मध्यप्रदेश को भारत का नवकरणीय ऊर्जा हब बनाया जाएगा। उन्होंने निवेशकों से आह्वान किया कि वे मध्यप्रदेश की परिवर्तनकारी यात्रा में सहभागी बनें और ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में योगदान दें।