राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देश में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों को जन-जन तक पहुँचाने और उनसे प्रेरणा लेने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। यह कार्यक्रम समाज में नवाचार, आत्मविश्वास और चुनौतियों का सामना करने की सकारात्मक सोच विकसित करता है।राज्यपाल श्री पटेल रविवार को रविन्द्र भवन, भोपाल स्थित अंजनी सभागार में आयोजित ‘मन की बात’ के सामूहिक श्रवण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन ‘उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी’ द्वारा ‘उमंग विशेष विद्यालय’ की 20वीं वर्षगाँठ के अवसर पर किया गया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने समाज में दिव्यांगजनों के प्रति दृष्टिकोण को बदलने का कार्य किया है। “दिव्यांग” शब्द केवल संबोधन नहीं, बल्कि उनकी विशेष क्षमताओं का सम्मान है। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे प्रयासों से प्रेरणा लेकर अधिक समावेशी और संवेदनशील बनना चाहिए।कार्यक्रम में राज्यपाल ने 11 आत्मनिर्भर दिव्यांगजनों को सम्मानित किया, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए आत्मनिर्भरता की मिसाल प्रस्तुत की है। उन्होंने कहा कि ये सभी सम्मानित व्यक्ति समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं और यह संदेश देते हैं कि दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास से हर बाधा को पार किया जा सकता है।राज्यपाल ने दिव्यांग बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रस्तुतियाँ आत्मविश्वास, प्रतिभा और संकल्प का अद्भुत उदाहरण हैं। ये कार्यक्रम यह सिद्ध करते हैं कि शारीरिक सीमाएँ व्यक्ति की क्षमताओं को सीमित नहीं कर सकतीं।

उन्होंने ‘सुगम्य भारत अभियान’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए सार्वजनिक स्थानों, परिवहन और सूचना तंत्र को अधिक सुलभ बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यह पहल समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल का स्वागत पौधा एवं शाल भेंट कर किया गया। ‘उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी’ की संचालिका श्रीमती दीप्ति पटवा ने संस्था की गतिविधियों और दिव्यांगजनों के कल्याण हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।इस अवसर पर विधायक श्री भगवान दास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, श्री संजीव अग्रवाल, श्री रविन्द्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, अभिभावक एवं नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम का वातावरण प्रेरणादायक और भावनात्मक रहा, जिसने सभी को सकारात्मक सोच और समाज में समावेशिता को बढ़ावा देने का संदेश दिया।