
भारत की संस्कृति में वृद्धजनों को सदैव ज्ञान, अनुभव और परंपरा की धरोहर के रूप में सम्मानित किया गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण, सुरक्षा और सम्मान के लिए अनेक योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू किया है। बदलते सामाजिक ढांचे और एकल परिवार व्यवस्था में वृद्धजनों को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाता, ऐसे में सरकार उनके जीवन को गरिमामय और सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना – भरण-पोषण से आत्मनिर्भरता तक
राज्य की समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना 15.75 लाख से अधिक वृद्धजनों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनी है। इसके अंतर्गत लाभार्थियों को प्रतिमाह ₹600 की राशि दी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1143 करोड़ 53 लाख रुपये पेंशन मद में वितरित किए गए हैं। इनमें से 2.71 लाख निराश्रित वृद्धजन भी सम्मिलित हैं, जिन्हें यह योजना जीवन का सहारा प्रदान कर रही है।
भरण-पोषण नियम 2009 – अधिकारों की रक्षा का कानून
वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा हेतु राज्य में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियम, 2009 लागू है। यह नियम संतानों और अभिभावकों को अपने वृद्ध माता-पिता की देखभाल का कानूनी दायित्व सौंपता है। उपेक्षित वरिष्ठ नागरिकों को इस नियम के अंतर्गत न्याय और राहत प्राप्त करने का अधिकार है।
हेल्पलाइन, आश्रय और सेवा गृह – निराश्रितों का सहारा
राज्य में 24×7 सीनियर सिटिजन हेल्पलाइन सक्रिय है, जो शिकायतों का त्वरित निवारण सुनिश्चित करती है। भोपाल में 24 करोड़ रुपये की लागत से पांच एकड़ में सीनियर सिटिजन होम स्थापित किया गया है, जहाँ अकेले या असहाय वृद्धजन सुरक्षित वातावरण में रह सकते हैं। यहाँ स्वास्थ्य, भोजन, मनोरंजन और सामाजिक सहभागिता की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त 81 वृद्धजन आश्रम अशासकीय संस्थाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश सरकार केवल भरण-पोषण ही नहीं, बल्कि वृद्धजनों के सम्मान और सामाजिक सहभागिता को भी प्राथमिकता देती है। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस (1 अक्टूबर) पर राज्यभर में सम्मान समारोह आयोजित किए जाते हैं। विशेष रूप से 100 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके वरिष्ठजनों को ‘शतायु सम्मान’ प्रदान किया जाता है। वर्ष 2024 में 70 वरिष्ठजनों को यह सम्मान देकर समाज को प्रेरित किया गया है।वरिष्ठ नागरिकों के लिए चलाई जा रही योजनाएँ केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके मानसिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी कल्याण को भी समाहित करती हैं। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी वृद्धजन समाज से कटे नहीं, बल्कि गरिमा और आत्मविश्वास के साथ सक्रिय जीवन जी सके।मध्य प्रदेश सरकार के इन प्रयासों से यह स्पष्ट है कि राज्य वृद्धजनों के लिए संवेदनशील और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाए हुए है। यह पहल न केवल वरिष्ठ नागरिकों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को यह सीख भी देती है कि वृद्धजनों का सम्मान ही सशक्त समाज की पहचान है।