मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में एक नए नवाचार के अंतर्गत मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों को टैबलेट वितरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अब मंत्रि-परिषद से संबंधित संपूर्ण जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे शासन की कार्यप्रणाली अधिक सुगम और समयबद्ध हो सकेगी।मंत्रालय में मंगलवार को आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक के दौरान कैबिनेट के सदस्यों एवं मंत्रि-परिषद के भारसाधक सचिवों को टैबलेट प्रदाय करने की औपचारिक शुरुआत की गई। सभी कैबिनेट सदस्यों ने टैबलेट प्राप्त कर इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त की तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। यह पहल राज्य में डिजिटल प्रशासन और ई-गवर्नेंस को नई गति देने वाली मानी जा रही है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ई-गवर्नेंस को निरंतर बढ़ावा दे रही है। इसी क्रम में ई-कैबिनेट की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि ई-कैबिनेट एप्लीकेशन आधुनिक तकनीक पर आधारित, पेपरलैस, सुरक्षित और पूर्णतः गोपनीय प्रणाली है। इस एप्लीकेशन के माध्यम से मंत्रि-परिषद सदस्य कभी भी और कहीं भी अपनी सुविधा के अनुसार मंत्रि-परिषद से संबंधित दस्तावेजों और जानकारियों का अवलोकन कर सकेंगे।मुख्यमंत्री ने बताया कि ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के माध्यम से मंत्रि-परिषद की कार्य सूची (एजेंडा) देखने, पूर्व बैठकों में लिए गए निर्णयों का पालन-प्रतिवेदन देखने तथा आवश्यक दस्तावेजों तक त्वरित पहुंच संभव होगी। इसके सफल संचालन हेतु संबंधित अधिकारियों एवं मंत्रि-परिषद सदस्यों को आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है, ताकि सभी सदस्य इस प्रणाली का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि इस नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और समय की भी उल्लेखनीय बचत होगी। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक चरण में मंत्रि-परिषद की बैठक का एजेंडा भौतिक एवं डिजिटल दोनों स्वरूपों में उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि भविष्य में इसे पूर्णतः डिजिटल स्वरूप में भेजा जाएगा। ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के प्रारंभ होने से भौतिक फोल्डरों के वितरण की आवश्यकता समाप्त होगी, जिससे कागज की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी सहयोग मिलेगा।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने जानकारी दी कि वर्ष 1960 से लेकर अब तक लिए गए मंत्रि-परिषद के सभी निर्णयों का डिजिटलाइजेशन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि गत दो वर्षों के मंत्रि-परिषद के निर्णय अब एक क्लिक पर उपलब्ध हैं, जिससे नीति निर्धारण और निर्णय प्रक्रिया में निरंतरता एवं सुविधा प्राप्त होगी।मंत्रि-परिषद की बैठक के समापन पर एक विशेष प्रेजेंटेशन के माध्यम से मंत्रियों को टैबलेट के उपयोग का उद्देश्य, इसकी व्यापक उपयोगिता तथा टैबलेट के कार्य संचालन की बुनियादी जानकारी प्रदान की गई। यह पहल मध्यप्रदेश को डिजिटल और स्मार्ट गवर्नेंस की दिशा में अग्रसर करने वाला एक सशक्त कदम सिद्ध होगी।