
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार की शाम लोक भवन पहुंचकर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल श्री पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को 13 दिसम्बर 2025 को राज्य सरकार के दो वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल को मध्यप्रदेश शासन की प्रमुख उपलब्धियों पर केंद्रित पुस्तकें भेंट कीं तथा विगत दो वर्षों में प्रदेश में हुए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल को अवगत कराया कि वर्ष 2026 को प्रदेश में ‘कृषि वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है, जिसकी थीम “समृद्ध किसान–समृद्ध प्रदेश” निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया था। कृषि वर्ष 2026 के अंतर्गत आरंभ की जा रही सभी गतिविधियां आगामी तीन वर्षों के स्पष्ट लक्ष्यों के साथ संचालित की जा रही हैं। इसमें किसान कल्याण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, सहकारिता, पशुपालन एवं डेयरी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, ऊर्जा तथा नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा सहित सभी संबंधित विभागों की सक्रिय सहभागिता रहेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि वर्ष के दौरान किसानों को अन्य राज्यों एवं विदेशों में हो रहे सफल नवाचारों की जानकारी से भी रू-ब-रू कराया जाएगा, जिससे वे आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल को जानकारी दी कि विश्व आर्थिक मंच 2026 की वार्षिक बैठक 18 से 23 जनवरी 2026 तक स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित होने जा रही है। इस बैठक का विषय “ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग” और “अनलॉकिंग न्यू सोर्सेस ऑफ ग्रोथ” है। उन्होंने बताया कि इस वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की औद्योगिक उपलब्धियों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। पीथमपुर जैसे ऑटो क्लस्टर्स की सफलता के साथ-साथ अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर प्रोजेक्ट को भी वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रदर्शित किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों के हित में प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) के अंतर्गत सोलर पंप योजना संचालित की जा रही है, जिसे मध्यप्रदेश में “प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना” के नाम से लागू किया गया है। इस योजना के तहत अब तक 33 हजार किसानों के खेतों में सोलर पंप लगाने के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा लगभग 34 हजार 600 लेटर ऑफ अवॉर्ड संबंधित इकाइयों को प्रदान किए गए हैं। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के कुल 52 हजार किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल को यह भी बताया कि जबलपुर में अंतर्राष्ट्रीय रामायण सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से आए लगभग 120 विद्वान भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में स्वामी रामभद्राचार्य महाराज की भी सहभागिता रही। उन्होंने बताया कि इस आयोजन के अंतर्गत 28 हजार से अधिक सुंदरकांड पाठ किए गए हैं तथा कुल 25 सत्रों में देश-विदेश के 60 वक्ताओं के विचार प्रस्तुत होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि जबलपुर में 2 जनवरी को गीता भवन का लोकार्पण किया गया है। प्रदेश का पहला गीता भवन इंदौर में पहले ही लोकार्पित हो चुका है और अब प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवनों का निर्माण किया जा रहा है, जो सांस्कृतिक एवं धार्मिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बनेंगे।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल श्री पटेल को इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में घटित घटना की भी जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, मुख्यमंत्री के सचिव श्री आलोक कुमार सिंह, आयुक्त जनसंपर्क श्री दीपक कुमार सक्सेना सहित लोक भवन के अधिकारी उपस्थित रहे।