मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विश्व मानवाधिकार दिवस पर संदेश: मानवता, समानता और न्याय के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लें,

विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को मानवाधिकारों की महत्ता बताते हुए समाज में मानवता, समानता और न्याय की सर्वोपरि भावना को मजबूत बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा करना केवल शासन या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। हम सभी को मिलकर ऐसा सामाजिक वातावरण निर्मित करना होगा, जहाँ हर व्यक्ति सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर के साथ जीवन जी सके।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानवाधिकार दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि दुनिया में शांति, सौहार्द और न्याय तभी स्थापित हो सकते हैं जब हम सह-अस्तित्व की भावना को व्यवहार में उतारें। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज तभी प्रगतिशील बनता है, जब उसमें न्याय का समान वितरण, कमजोर वर्गों की सुरक्षा, महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों तथा वृद्धजनों के अधिकारों का संरक्षण और प्रत्येक नागरिक के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण हो।डॉ. यादव ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा के लिए शासन द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। शासन की योजनाएँ गरीबों के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में समान अधिकारों के विस्तार के उद्देश्य से लागू की जा रही हैं। समाज में किसी भी प्रकार के भेदभाव, हिंसा या अन्याय को रोकने के लिए प्रशासन निरंतर सक्रिय है। मानवाधिकार आयोग, बाल अधिकार संरक्षण आयोग और महिला आयोग जैसे संस्थान नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानवाधिकार दिवस हमें यह भी प्रेरणा देता है कि हम नैतिक मूल्यों, सहानुभूति और मानवीय व्यवहार को जीवन का हिस्सा बनाएं। समाज में शांति, भाईचारा और आपसी सम्मान तभी संभव है जब हम प्रत्येक व्यक्ति की भावनाओं और गरिमा का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है, तब मानवाधिकारों की रक्षा और संवेदनशील समाज का निर्माण और भी अधिक आवश्यक हो गया है।अंत में, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे मानवाधिकार दिवस पर यह संकल्प लें कि वे समाज में मानवता, समानता, शांति और न्याय की भावना को बढ़ावा देंगे और किसी भी अन्याय या अधिकारों के उल्लंघन के विरुद्ध जागरूक रहेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा सामूहिक प्रयास ही एक मजबूत, संवेदनशील और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण करेगा

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