
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को देवउठनी एकादशी एवं तुलसी विवाह के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि देवउठनी एकादशी का पर्व धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह पर्व लोक जीवन में उत्साह, नवचेतना और मंगलमय ऊर्जा का संचार करता है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवउठनी एकादशी के पावन अवसर पर हम सभी भगवान श्रीहरि विष्णु से यही प्रार्थना करते हैं कि वे सबके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और प्रसन्नता प्रदान करें। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें धर्म, आस्था और सेवा की भावना को सुदृढ़ करने का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे इस शुभ अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक सौहार्द के संकल्प के साथ पर्व मनाएं।डॉ. यादव ने कहा कि तुलसी विवाह के दिन से विवाह जैसे मांगलिक कार्यों का शुभारंभ होता है। तुलसी जी और भगवान शालिग्राम का विवाह भारतीय संस्कृति की दिव्यता, मर्यादा और परंपरा का प्रतीक है। इस दिन श्रद्धा, प्रेम और भक्ति के साथ किए गए कार्य जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का संचार करते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश एक समृद्ध धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा वाला राज्य है, जहाँ विविध त्यौहार समाज को एकता और सद्भाव के सूत्र में पिरोते हैं। ऐसे अवसर न केवल हमारी आस्थाओं को प्रबल बनाते हैं बल्कि समाज में समरसता और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे त्योहारों की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि वे लोक जीवन से जुड़कर समाज में आत्मीयता और आपसी सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस पावन पर्व पर सभी लोग गरीबों, जरूरतमंदों और वंचितों की सहायता के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि दूसरों की मदद करना ही सच्चे अर्थों में धर्म और पूजा है।मुख्यमंत्री ने अंत में पुनः सभी नागरिकों को देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह की मंगलकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में नवप्रेरणा, सौहार्द और समृद्धि का संदेश लेकर आए।