प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने करवा चौथ के पावन पर्व पर प्रदेश की सभी माताओं और बहनों को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ प्रेषित कीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह पर्व भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है, जो वैवाहिक जीवन में परस्पर विश्वास, प्रेम और एकनिष्ठता को सशक्त बनाता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि वे परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं कि यह पर्व प्रत्येक परिवार के जीवन में प्रेम, विश्वास और अखंड सौभाग्य लेकर आए। करवा चौथ का त्योहार नारी शक्ति के त्याग, समर्पण और धैर्य का अद्वितीय उदाहरण है। यह पर्व न केवल दांपत्य जीवन को मजबूत करता है, बल्कि परिवार और समाज में सुख, शांति और समृद्धि के वातावरण को भी स्थापित करता है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि करवा चौथ का पर्व भारतीय नारी के अटूट विश्वास और असीम प्रेम का द्योतक है। यह पर्व पति-पत्नी के संबंधों में आध्यात्मिक और भावनात्मक गहराई लाता है। महिलाएँ इस दिन निर्जल व्रत रखकर अपने जीवनसाथी की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। यह अनुष्ठान न केवल दांपत्य जीवन की मजबूती का प्रतीक है, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का भी हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माताएँ और बहनें ही समाज और परिवार की वास्तविक धुरी हैं। उनका त्याग, परिश्रम और प्रेम ही परिवार को मजबूत आधार देता है। प्रदेश सरकार मातृशक्ति को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और महिलाओं के सम्मान, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएँ संचालित कर रही है।उन्होंने कहा कि करवा चौथ का पर्व मातृशक्ति के महत्व और उनकी भावनात्मक शक्ति का उत्सव भी है। यह दिन हमें इस बात का स्मरण कराता है कि परिवार में स्त्रियों की भूमिका अमूल्य है और उनके योगदान के बिना समाज की कल्पना अधूरी है।मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में आगे कहा कि वे परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं कि प्रदेश के हर परिवार में सुख, समृद्धि और आरोग्यता का दीप सदा प्रज्ज्वलित रहे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस पर्व से प्रेरणा लेकर समाज में आपसी सहयोग, सद्भावना और प्रेम और अधिक गहराई से स्थापित होंगे।