
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार देर रात इंदौर के विश्वप्रसिद्ध सराफा बाजार का दौरा किया और यहां के चटपटे व्यंजनों का स्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ मंत्रिमंडल के सहयोगी भी मौजूद थे।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाजार में घूमकर जनता से संवाद भी किया और स्थानीय लोगों से इंदौर की स्वच्छता और व्यंजन संस्कृति को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सराफा बाजार न सिर्फ स्वाद का केंद्र है, बल्कि इंदौर की पहचान भी है।रात करीब 11.15 बजे मुख्यमंत्री अपने काफिले के साथ सराफा पहुँचे। यहाँ उन्होंने भुट्टे का किस, गराडू,दही बड़ा , पानीपुरी,कुल्फी का स्वाद लिया और इंदौरी कुल्हड़ की चाय पी। मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने पोहे, भुट्टे का कीस, गराडू, रबड़ी-जलेबी जैसे पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया। आरम्भ में स्थानीय दुकानदारों और युवाओं ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।मुख्यमंत्री ने इंदौर की सफाई और व्यंजन संस्कृति को पूरे देश में प्रेरणास्रोत बताया और व्यापारियों से साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार देर रात इंदौर के विश्वप्रसिद्ध सराफा बाजार में पहुँचकर यहां के चटपटे व्यंजनों का आनंद लिया। इस अवसर पर उनके साथ मंत्रिमंडल के सहयोगी भी उपस्थित रहे।
दौरे का संक्षिप्त विवरण:
- समय: रात्रि लगभग 11:15 बजे
- स्थान: सराफा बाजार, इंदौर
- मुख्य गतिविधियाँ:
- भुट्टे का किस, गराडू, दही बड़ा, पानीपुरी और कुल्फी का स्वाद
- पारंपरिक इंदौरी कुल्हड़ की चाय का लुत्फ़
- मंत्रिमंडल सहयोगियों द्वारा पोहे, भुट्टे का कीस, गराडू, रबड़ी-जलेबी आदि प्रामाणिक व्यंजनों का स्वाद
- स्थानीय दुकानदारों व युवाओं से संवाद और स्वागत
मुख्यमंत्री का संदेश:
“सराफा बाजार सिर्फ स्वाद का केंद्र नहीं, बल्कि इंदौर की पहचान भी है। इसकी समृद्ध व्यंजन संस्कृति और स्वच्छता को ऊंचाइयों तक ले जाने में हम सभी का योगदान आवश्यक है।”