
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शहरीकरण आज की सबसे बड़ी जरूरत है। नागरिकों का जीवन सरल, सहज और सुविधा सम्पन्न बनाना प्रदेश सरकार का लक्ष्य है। बेहतर सार्वजनिक सुविधाएँ न केवल समाज को मजबूत करती हैं बल्कि नागरिकों को जिम्मेदार भी बनाती हैं। इसी दृष्टि से प्रदेश सरकार लगातार कदम बढ़ा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के शहरों का विकास उनकी तासीर और विशिष्ट पहचान के अनुरूप किया जा रहा है। पुरा-धरोहरों और विरासतों का संरक्षण करते हुए ग्रीन एवं क्लीन सिटीज के निर्माण की दिशा में योजनाबद्ध कार्य जारी हैं।
मेट्रो और फ्लाईओवर निर्माण
डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में मेट्रोपोलिटन सिटी रीजन की परिकल्पना के साथ सभी प्रमुख नगरों में मेट्रो ट्रेन सेवा और बड़े फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट को सरल और आधुनिक बनाया जा सके। स्मार्ट सिटीज परियोजना के माध्यम से नई पीढ़ी की जरूरतें पूरी की जा रही हैं।
शहरी विकास की उपलब्धियाँ
- इंदौर लगातार 8 वर्षों से देश का सबसे स्वच्छ शहर है।
- भोपाल, जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर भी डिजिटल सु-शासन और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देते हुए उत्कृष्ट शहर बने हैं।
- अफोर्डेबल हाउसिंग के अंतर्गत 8.56 लाख आवास निर्मित, जिनमें से 7.75 लाख आवास महिलाओं/संयुक्त नाम पर।
- लगभग 10 लाख नये घरों के निर्माण का लक्ष्य, जिस पर 50 हजार करोड़ का संभावित निवेश।
- अमृत योजना 2.0 के तहत 297 जलापूर्ति परियोजनाओं में से 224 पर कार्य प्रारंभ।
- सीवरेज क्षेत्र में 4932 करोड़ रुपये की परियोजनाएँ, जिनमें से प्रारंभिक चरण में 1312 करोड़ की परियोजनाएँ चालू।
भविष्य की योजनाएँ
- भोपाल मेट्रो का कार्य तेजी से प्रगति पर, अक्टूबर 2025 में एक कॉरिडोर पर संचालन प्रारंभ होगा।
- इंदौर मेट्रो का संचालन प्रारंभ।
- सिंहस्थ-2028 से पहले श्रद्धालुओं के लिए अनेक सुविधाओं का विकास।
- जन जीवन, स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा हेतु आधुनिक अग्नि एवं आपातकालीन सेवा तंत्र की स्थापना।
- नई ईवी पॉलिसी लागू — ईवी अपनाने को प्रोत्साहन, सब्सिडी-शुल्क माफी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर व विनिर्माण को बढ़ावा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित मध्यप्रदेश-2047 के तहत प्रदेश को 2 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य है, जिसमें शहरी क्षेत्रों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।