
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के तहत निजी ऑपरेटर के सहयोग से राज्य के भीतर हेलीकॉप्टर सेवा संचालन की महत्वपूर्ण स्वीकृति प्रदान की गई।इस सेवा के अंतर्गत प्रदेश के हवाई अड्डों, हैलीपेड एवं हवाई पट्टियों के बीच निजी ऑपरेटर द्वारा चयनित स्थानों पर यात्रियों को सुरक्षित, किफायती और स्थायी हेलीकॉप्टर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
तीन सेक्टरों में होगा संचालन
- सेक्टर-1 : इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुवंतिया, खंडवा, खरगौन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा, भोपाल और जबलपुर।
- सेक्टर-2 : भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो (श्योपुर), ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, होशंगाबाद, बैतूल, टीकमगढ़ और जबलपुर।
- सेक्टर-3 : जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसिली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी, भोपाल और इंदौर।
उद्देश्य और लाभ
इस सेवा का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानों एवं पर्यटक स्थलों को तेज़ एवं सुगम हवाई संपर्क से जोड़ना है। हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से प्रदेश के यात्रियों, पर्यटकों, व्यवसायियों एवं निवेशकों को सुविधा प्राप्त होगी।इस निर्णय से प्रदेश में व्यवसाय और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी, निवेश के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे।