भोपाल, दिनांक 07 सितंबर 2025। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार से प्रारम्भ हुए पितृ पक्ष के अवसर पर सभी पितृजनों को सादर नमन किया है। उन्होंने कहा कि पितृ पक्ष हमारे जीवन के उन महान पूर्वजों को स्मरण करने और उनके प्रति श्रद्धा अर्पित करने का समय है, जिन्होंने अपने तप, त्याग, परिश्रम और सेवा से हमारे वर्तमान को आधार प्रदान किया है।डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने जिस धर्म, सेवा और समाज कल्याण के मार्ग को प्रशस्त किया, वही आज हमारे जीवन को दिशा देने वाला पथ है। उन्होंने कहा कि पितृ पक्ष केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह हमें हमारे मूल्यों, संस्कारों और परंपराओं से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि अपने पितरों के आदर्शों और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए समाज को और अधिक सशक्त, समृद्ध और संस्कारित बनाने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि पितृ पक्ष के दौरान किया गया तर्पण, श्राद्ध और स्मरण केवल एक कर्मकांड नहीं, बल्कि पूर्वजों के प्रति हमारी कृतज्ञता और सम्मान का प्रतीक है।

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पितरों को देवतुल्य स्थान दिया गया है। उन्होंने अपने जीवन में जिन आदर्शों को अपनाया और जिन उच्च मूल्यों को स्थापित किया, वही आज भी हमें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। इस पावन अवसर पर हम सभी को अपने पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए और उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना चाहिए।मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील की कि पितृ पक्ष के इन पावन दिनों में न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का पालन करें बल्कि अपने जीवन में संयम, सेवा और सत्कर्मों को अपनाकर पितरों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करें। उन्होंने यह भी कहा कि समाज की उन्नति और राष्ट्र निर्माण के लिए पूर्वजों के आदर्श ही हमारे पथप्रदर्शक रहेंगे।अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की कि इस पितृ पक्ष पर सभी को अपने पितरों का आशीर्वाद प्राप्त हो और प्रदेश में शांति, समृद्धि एवं सद्भाव का वातावरण बने।