मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के समग्र विकास एवं लोककल्याण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में कुल लगभग 19,810 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी दी गई।मंत्रि-परिषद ने लोक निर्माण विभाग, सिंचाई परियोजनाओं, महिला एवं बाल विकास, कृषि, तथा चिकित्सा शिक्षा से संबंधित कई अहम निर्णय लिए।सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है, जिससे 27 गांवों की लगभग 7200 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं के लिए 10,801 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें बीओटी मार्गों के विकास, एन्यूटी भुगतान और म.प्र. सड़क विकास निगम की बाह्य वित्त परियोजनाएं शामिल हैं। साथ ही, 16वें वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031) तक इन व्यवस्थाओं को जारी रखने का निर्णय लिया गया है।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति एवं मध्याह्न भोजन योजना सहित अन्य कार्यक्रमों के संचालन के लिए 3,553.35 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे योजनाओं की निरंतरता सुनिश्चित होगी।कृषि क्षेत्र में “सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाइजेशन (SMAM)” के तहत 2,250 करोड़ रुपये की योजना को आगामी 5 वर्षों तक लागू रखने का निर्णय लिया गया है। इससे कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा मिलेगा, श्रम पर निर्भरता घटेगी तथा किसानों की आय में वृद्धि के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ करने हेतु नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1,674 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। साथ ही, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता के लिए 1,005 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।महिला सशक्तिकरण की दिशा में मंत्रि-परिषद ने “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ”, वन स्टॉप सेंटर एवं महिला हेल्पलाइन-181 के संचालन हेतु 240.42 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही प्रदेश में 8 नए वन स्टॉप सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिनमें मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा, धार (मनावर एवं पीथमपुर) सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं।इन निर्णयों से प्रदेश में बुनियादी ढांचे का विकास, किसानों की समृद्धि, महिलाओं की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा।