मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सांदीपनि आश्रम में की पूजा-अर्चना,

उज्जैन, 16 अगस्त 2025 — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर उज्जैन स्थित महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचकर सपत्नीक भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना, अभिषेक और आरती में भाग लिया। इस दौरान पूरा आश्रम भक्ति और श्रद्धा से गूंज उठा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि सांदीपनि आश्रम वह पवित्र स्थल है, जहां से मनुष्य रूपी श्रीकृष्ण के भगवान श्रीकृष्ण बनने की यात्रा प्रारंभ होती है। यही वह स्थान है, जहां से श्रीकृष्ण योगेश्वर और जगतगुरु बने।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि द्वारका, वृंदावन और गोकुल का जो महत्व है, वही महत्व उज्जैन का भी है। यहां भगवान श्रीकृष्ण ने शिक्षा ग्रहण कर धर्म, नीति और जीवन दर्शन की सीख प्राप्त की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन में अनेक महत्वपूर्ण संदेश दिए। इनमें गौमाता की पूजा, धर्म की स्थापना और प्रकृति का संरक्षण प्रमुख हैं। इन शिक्षाओं का पालन कर समाज और विश्व को संतुलित बनाया जा सकता है।डॉ. यादव ने इस अवसर पर जानकारी दी कि प्रदेश में संस्कृति विभाग द्वारा जन्माष्टमी के पर्व पर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। प्रदेश के 3,000 मंदिरों में सजावट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। इसमें उत्कृष्ट सजावट करने वाले मंदिर को प्रथम पुरस्कार स्वरूप 1.5 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार स्वरूप 1 लाख रुपये और तृतीय पुरस्कार स्वरूप 50 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। इस आयोजन का उद्देश्य मंदिरों की आभा को बढ़ाना और श्रद्धालुओं को आध्यात्मिकता का गहन अनुभव प्रदान करना है।पूजा-अर्चना के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव भक्ति भाव में ऐसे लीन हुए कि उन्होंने स्वयं “श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी” भजन का गायन किया। इस दौरान पूरा आश्रम श्रद्धा और भक्ति की भावनाओं से सराबोर हो उठा। मुख्यमंत्री ने सांदीपनि आश्रम परिसर में स्थित भगवान शिव और बैकुंठ धाम मंदिर में भी दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम में आश्रम के पुजारियों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना और अभिषेक कराया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ उनकी धर्मपत्नी भी मौजूद रहीं और उन्होंने भी श्रद्धापूर्वक भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में नमन किया।इस अवसर पर उज्जैन विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आश्रम परिसर में भक्ति संगीत और श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण गूंजायमान रहा।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि आदर्श शिक्षक, महान दार्शनिक और कर्मयोग के प्रतिमान हैं। उनकी शिक्षा और जीवन दर्शन आज भी समाज का मार्गदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आश्रम प्रशासन और श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ दीं और प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर चलकर समाज और राष्ट्र की सेवा करें।

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