समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री एसआईआर (Special Intensive Revision) के नाम पर समाजवादी पार्टी का वोट कटवाने के लिए अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अधिकारियों से यह कह रहे हैं कि कमियां निकालिए और समाजवादी पार्टी के लोगों का वोट काटिए।अखिलेश यादव ने कहा कि अभी तक निर्वाचन आयोग के कोई आधिकारिक आंकड़े सामने नहीं आए हैं और न ही समाजवादी पार्टी के पास ऐसे आंकड़े हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री को यह कैसे पता चल गया कि चार करोड़ वोट कट गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह भी सुनने में आ रहा है कि भाजपा के नेता और विधायक रात के समय निजी कंपनियों के साथ बैठकर चार करोड़ वोट बराबर करने की बात कर रहे हैं।सपा प्रमुख ने कहा कि अगर वास्तव में चार करोड़ वोट कटे हैं तो इसका मतलब है कि प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में औसतन हर सीट पर भाजपा के 84 हजार वोट कटे हैं और यही वोट भाजपा को हराएगा।अखिलेश यादव ने कहा कि सच्चाई यह है कि यह एसआईआर नहीं बल्कि एनआरसी है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भविष्य में एनआरसी लागू हुआ तो सरकार इसके अलावा और कौन-कौन से कागजात मांगेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा सरकार से मिला हुआ है।विधानमंडल दल की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा विधानसभा में जनता के वास्तविक मुद्दों पर चर्चा नहीं करना चाहती, बल्कि ‘वंदे मातरम’ जैसे विषयों पर बहस कराना चाहती है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने कभी तिरंगा नहीं फहराया, वे वंदे मातरम पर क्या चर्चा करेंगे।अखिलेश यादव ने बताया कि बैठक में विधायकों के साथ विधानसभा में उठाए जाने वाले कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में कोडीन सिरप और कफ सिरप को लेकर गंभीर चिंता है। आरोप लगाया कि सरकार नकली कफ सिरप बनाने वालों से मिली हुई है। गरीबों और बच्चों को ऐसा कफ सिरप दिया गया है, जिससे कई स्थानों पर लोगों की जान चली गई।सपा प्रमुख ने लोक सेवा आयोग में हो रहे घोटालों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वहां हो रहे घोटालों की कल्पना भी नहीं की जा सकती। हाल ही में आई भर्ती विज्ञप्ति में पिछड़ों के साथ धोखा किया गया है।बिहार में मुख्यमंत्री द्वारा एक महिला डॉक्टर का हिजाब खींचने की घटना को अत्यंत दुःखद बताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इस घटना की पूरी दुनिया में निंदा हुई है। उन्होंने इसे निंदनीय बताते हुए कहा कि ऐसा व्यवहार किसी के साथ नहीं किया जाना चाहिए।