मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सिंहावलोकन की परंपरा सदैव से रही है। हम अपने पिछले अनुभवों की समीक्षा करते हुए भविष्य के लिए कार्ययोजना तैयार करते हैं और उसका क्रियान्वयन करते हैं, जिससे कार्य न केवल सुखद अनुभव देता है बल्कि सफलता भी सुनिश्चित करता है। इसी भावना के अनुरूप समय की मांग को देखते हुए विधायक विश्रामगृह का नवनिर्माण किया जा रहा है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज नवीन विधायक विश्रामगृह के निर्माण कार्य के भूमि पूजन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण और वास्तुकला के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों का उपयोग कर बनाए जा रहे इस विश्रामगृह से जनप्रतिनिधियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा। यह भवन जनसेवा और लोककल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जनप्रतिनिधियों को उनके कार्य निष्पादन के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में विधायकों के कार्यालयों के आधुनिकीकरण हेतु बजट में प्रत्येक विधायक के लिए 5-5 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे विधायकों को जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और जनसंपर्क के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।डॉ. यादव ने कहा कि विधायक विश्रामगृह का नवनिर्माण केवल एक भवन निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि यह भविष्य की ओर अग्रसर होने के संकल्प का प्रतीक है। इसमें आधुनिकतम तकनीकों और संसाधनों का समावेश होगा, जिससे यह भवन ऊर्जा-संरक्षण, सुविधा और उपयोगिता की दृष्टि से उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नवीन विधायक विश्रामगृह के द्वितीय चरण के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण हो और विधायकों को शीघ्र ही इस नवीन विश्रामगृह का लाभ प्राप्त हो सके।डॉ. यादव ने आगे कहा कि जनप्रतिनिधि समाज के हर वर्ग से संवाद करते हैं और उनके माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन होता है। जब उन्हें बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध होगा, तो वे और अधिक प्रभावी तरीके से जनता की सेवा कर सकेंगे।कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और आमजन उपस्थित थे। सभी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस पहल की सराहना की और इसे राज्य की जनसेवा क्षमता को सुदृढ़ करने वाला कदम बताया।