
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने सोमवार को कबड्डी विश्व कप 2025 के फाइनल में एक बार फिर अपने दमखम और आत्मविश्वास का लोहा मनवाते हुए चीनी ताइपे को 35-28 से हराकर लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। यह जीत न केवल भारतीय कबड्डी के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में जिस तरह का बेहतरीन खेल दिखाया, उसने यह स्पष्ट कर दिया कि महिला कबड्डी अब वैश्विक मंच पर भारत की सबसे मजबूत खेल पहचान बन चुकी हैभारतीय टीम ने शुरुआती लीग मुकाबलों से ही अपना इरादा साफ कर दिया था। ग्रुप चरण में टीम ने अपने सभी मैच एकतरफा अंदाज़ में जीते और सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस दौरान भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस, रणनीति और तालमेल देखने लायक था। रेडर्स ने जहां लगातार बोनस और टच पॉइंट्स जुटाए, वहीं डिफेंडर्स ने सुपर टैकल्स और चेन डिफेंस की मदद से विपक्षियों को बांधे रखा।सेमीफाइनल में भारत का सामना मजबूत दिख रही ईरान से था, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही मैच पर पकड़ बनाई और 33-21 से शानदार जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट हासिल किया। दूसरी तरफ चीनी ताइपे ने भी अपने ग्रुप के सभी मैच जीतकर दमदार प्रदर्शन किया था और सेमीफाइनल में मेजबान बांग्लादेश को 25-18 से हराकर फाइनल में पहुंची थी। इस लिहाज से फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक होने वाला था।
फाइनल में भारतीय कौशल और संयम की जीत
फाइनल में शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। चीन ताइपे की रेडिंग और डिफेंस दोनों ही मजबूत थे, लेकिन भारतीय टीम ने अपना संतुलन बनाए रखा। भारत ने शुरुआती रेड्स में बढ़त बनाई और फिर मजबूत डिफेंस की मदद से विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा।दूसरे हाफ में चीनी ताइपे ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने न सिर्फ रणनीतिक खेल दिखाया बल्कि निर्णायक पलों पर महत्वपूर्ण अंक जुटाकर जीत सुनिश्चित की। खासकर भारतीय डिफेंडर्स ने विपक्षी रेडर्स को बार-बार असफल किया, जिससे टीम की बढ़त कायम रही। अंतिम मिनटों में भारत ने अपनी पकड़ और मजबूत कर ली और मुकाबला 35-28 से जीत लिया।
भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस और रणनीति की सराहना
जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है। कबड्डी जगत के कई दिग्गजों ने भारतीय टीम की तारीफ की। हरियाणा स्टीलर्स के मुख्य कोच और पूर्व स्टार खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने भारतीय महिला टीम की सराहना करते हुए कहा—
महिला टीम ने ऐसा प्रदर्शन किया है जिस पर पूरा देश गर्व कर सकता है। टीम का सामूहिक खेल और आत्मविश्वास लाजवाब था। एक पूर्व भारतीय खिलाड़ी होने के नाते मैं जानता हूं कि इस स्तर तक पहुंचना कितना मुश्किल होता है। खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को ढेरों बधाई।”प्रो कबड्डी लीग के दिग्गज खिलाड़ी और पुनेरी पल्टन के मुख्य कोच अजय ठाकुर ने भारतीय टीम को लगातार दूसरी बार विश्व खिताब जीतने पर बधाई देते हुए कहा—“ढाका में महिला टीम ने लगातार दूसरा विश्व कप अपने नाम किया, यह भारत के लिए बेहद गर्व का क्षण है। उनकी शानदार रन और दमदार प्रदर्शन से पता चलता है कि पिछले कुछ वर्षों में महिला कबड्डी कितनी आगे बढ़ी है। यह खेल की वैश्विक लोकप्रियता का भी प्रमाण है, और मुझे उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह गति और बढ़ेगी।”
महिला कबड्डी का नया युग
इस जीत ने साबित कर दिया कि भारतीय महिला कबड्डी न केवल एशिया बल्कि दुनिया भर में अपना दबदबा बना चुकी है। घरेलू स्तर पर बढ़ती लीग्स, उत्कृष्ट प्रशिक्षण सुविधाओं और युवा खिलाड़ियों की लगातार बढ़ती भागीदारी ने महिला कबड्डी को नई दिशा दी है। भारत की विजय ने भविष्य की नई पीढ़ी की खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रौशन करना चाहती हैं।