
भारत और पाकिस्तान में एक ही दिन हुए दो अलग-अलग धमाकों ने दक्षिण एशिया में तनाव को चरम पर पहुँचा दिया है। सोमवार शाम को दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट ने देश को हिला दिया, वहीं कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक आत्मघाती धमाका हुआ।दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि लाल किला विस्फोट के पीछे पाकिस्तान-आधारित आतंकवादी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ का हाथ हो सकता है। इस घटना में अब तक कम से कम 12 लोगों की मौत और एक दर्जन से अधिक के घायल होने की पुष्टि हुई है। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी है।दूसरी ओर, इस्लामाबाद में अदालत परिसर के बाहर हुए धमाके को लेकर पाकिस्तानी अधिकारियों ने इसे आत्मघाती हमला बताया है। ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP)’ ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है और चेतावनी दी है कि ऐसे और हमले किए जा सकते हैं। इस विस्फोट में कम से कम 12 लोगों की मौत और 20 अन्य घायल हुए हैं।दोनों घटनाओं के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध के प्रमाण अभी तक नहीं मिले हैं, लेकिन इन हमलों ने भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ती कड़वाहट को और गहरा कर दिया है। दोनों देशों के बीच मई में हुआ सीमित युद्ध, जिसे भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम से संचालित किया था, पहले ही संबंधों को तनावपूर्ण बना चुका था। उस अभियान में भारत ने पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों के साथ-साथ सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली विस्फोट के बाद तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि —
“इस हमले के सभी जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। यह भारत की सुरक्षा और संप्रभुता पर सीधा हमला है।”हालांकि प्रधानमंत्री ने इस घटना को आधिकारिक रूप से आतंकवादी हमला घोषित करने से परहेज किया है, लेकिन उन्होंने इसे “एक सुनियोजित साजिश” बताया है।सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि जैश-ए-मोहम्मद के संभावित संलिप्तता की जांच तेजी से की जा रही है। वहीं, सैन्य हलकों में ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ की संभावनाओं पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि —
“ऑपरेशन सिंदूर जारी है, इसे बंद नहीं किया गया है। भारत अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।”इन ताजा घटनाओं ने पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र में सुरक्षा और कूटनीतिक तनाव को नए स्तर पर पहुँचा दिया है। दोनों देशों की खुफिया एजेंसियाँ सक्रिय हो गई हैं और सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।