भोपाल, 29 मार्च 2026: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद द्वारा आयोजित ‘नई उड़ान’ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से नारी शक्ति को समर्पित था, जिसमें आदिवासी समुदाय की महिलाओं और युवतियों की प्रतिभा को प्रमुखता दी गई। विभिन्न राज्यों से आए छात्र-छात्राओं ने अपनी कला, संस्कृति और कौशल का शानदार प्रदर्शन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम का उद्घाटन मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष श्रीमान [नाम] ने किया। उन्होंने कहा कि ‘नई उड़ान’ आदिवासी नारी शक्ति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का माध्यम है। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इनमें लड़कियों की संख्या सबसे अधिक थी, जो लोक नृत्य, आदिवासी गीत, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, कविता पाठ और सांस्कृतिक संवाद के माध्यम से अपनी भूमिका निभाईं।मुख्य आकर्षण रहा गोंड, भील, बैगा और कोरकु जनजातियों की लड़कियों द्वारा प्रस्तुत ‘साईला’ नृत्य और ‘राम कथा’ पर आधारित नाट्य प्रस्तुति। एक छात्रा ने अपनी कविता में कहा, “आदिवासी बेटी है धरती की कोख, नई उड़ान से छूएंगी आसमान की चोटी।” हस्तशिल्प स्टॉल पर बांस की टोकरियां, धागों से बने आभूषण और पारंपरिक चित्रकला ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया।कार्यक्रम में नारी सशक्तिकरण पर चर्चा सत्र भी आयोजित हुआ, जहां विशेषज्ञों ने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों पर जोर दिया। विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए, जिसमें प्रथम स्थान पर छत्तीसगढ़ की छात्रा रानी को सम्मानित किया गया। परिषद ने घोषणा की कि यह कार्यक्रम वार्षिक होगा, ताकि आदिवासी नारी शक्ति को राष्ट्रीय मंच मिले।यह आयोजन आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की मिसाल बना।