
राजधानी भोपाल के ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की डिजाइन को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों और तकनीकी खामियों को लेकर अब ठोस कदम उठाया गया है। रेलवे और सेंट्रल एक्सपर्ट कमेटी के संयुक्त निरीक्षण के बाद पुल को रीडिजाइन करने पर सहमति बन गई है। अब रेलवे के औपचारिक अनुमोदन के बाद नए डिजाइन के आधार पर कार्य शुरू किया जाएगा।गौरतलब है कि यह ब्रिज 18 करोड़ रुपये की लागत से 648 मीटर लंबा रेल ओवरब्रिज बनाया गया है। इसकी मौजूदा डिजाइन में मोड़ का रेडियस केवल 6 मीटर था, जिसके कारण यातायात सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा था और दुर्घटना की संभावना बनी रहती थी। अब इस रेडियस को 6 मीटर से बढ़ाकर 16.7 मीटर किया जाएगा। मोड़ को चौड़ा करने के लिए पुल के दोनों तरफ नए पियर्स तैयार किए जाएंगे, जिससे यातायात का दबाव कम होगा और वाहनों की आवाजाही अधिक सुरक्षित एवं सुगम हो सकेगी।
इसी के बाद प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्यवाही करते हुए सात इंजीनियरों को निलंबित कर दिया और निर्माण करने वाली एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता की सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। इस परियोजना में हुई तकनीकी चूक को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शी और त्वरित कार्रवाई की गई है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि नए डिजाइन में सभी मानकों का पूर्ण पालन किया जाए और कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए ताकि यातायात प्रभावित न हो।
पुल की रिडिजाइनिंग के बाद ऐशबाग क्षेत्र के हजारों वाहन चालकों को राहत मिलेगी और शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का बोझ कम होगा। यह कदम न केवल यातायात प्रबंधन में सुधार लाएगा, बल्कि भविष्य में ऐसी तकनीकी चूक की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी एक मिसाल बनेगा।